5 दिन की नवजात बच्ची का 2.60 लाख में किया सौदा, अस्पताल संचालिका समेत शिशु को बेचने वाले नर्स और उसका बॉयफ्रेंड अरेस्ट
इस मामले में सबसे खास बात नवजात बच्ची की असली मां की तलाश करना है, जिसकी पहचान अबतक नहीं हो सकी है
ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा के बिसरख थाना क्षेत्र में स्थित नवजीवन अस्पताल में नवजात बच्ची की खरीद-फरोख्त के मामले का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। इस मामले में स्वास्थ्य व्यवस्था और अस्पताल की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। पुलिस जांच के दौरान पता चला है कि अस्पताल संचालिका यशिका गर्ग इस मामले की मुख्य आरोपी है। संचालिका ने अस्पताल स्टाफ को बच्ची को बेचने के लिए ग्राहक तलाश करने को कहा। इस मामले में टेक्नीशियन रणजीत सिंह और सफाई कर्मचारी गजेंद्र भी शामिल था। इस मामले में पुलिस ने दूसरी मुख्य आरोपी नर्स पुष्पा और उसके बॉयफ्रेंड को भी गिरफ्तार किया है। इस डील को 2.60 लाख में तय किया गया था।
अस्पताल को किया गया सील
इस मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया गया है, जो पूरे केस की गहराई से जांच करेगी। इस कमेटी का काम अस्पताल के रिकॉर्ड डिलीवरी रजिस्टर और मरीजों से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर सच्चाई सामने लाने है। इस जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि अब तक कितने मामलों में गड़बड़ी हुई है। इससे पहले भी नवजात बच्चियों की खरीद-फरोख्त की गई है अथवा नहीं।
असली मां की तलाश जारी
इस मामले में सबसे खास बात नवजात बच्ची की असली मां की तलाश करना है, जिसकी पहचान अबतक नहीं हो सकी है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है। जानकारी के मुताबिक, जिस युवती ने बच्ची को जन्म दिया है, वह करीब 18 साल की बताई जा रही है। हालांकि इसकी सही पहचान और पते की पुष्टि अभी नहीं हो पाई है।