SIR पर सुप्रीम कोर्ट में महा-सुनवाई! ममता बनर्जी ने रखीं दलीलें, सोमवार को होगी अगली सुनवाई
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में (SIR) यानी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर आज सुप्रीम कोर्ट में एक ऐतिहासिक सुनवाई हुई। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद सुप्रीम कोर्ट पहुंचीं और अपनी दलीलें रखीं। यह संभवतः पहला मौका है जब किसी वर्तमान मुख्यमंत्री ने स्वयं कोर्ट में बहस की हो। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई 9 फरवरी 2026 (सोमवार) को तय की है।
"अन्याय" का आरोप
उन्होंने कोर्ट में कहा कि चुनाव से ठीक पहले पश्चिम बंगाल को टारगेट किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जो प्रक्रिया वर्षों में पूरी होनी चाहिए, उसे चुनाव आयोग 2-3 महीनों में जल्दबाजी में निपटाना चाहता है। मुख्यमंत्री ने दलील दी कि केवल नाम हटाने (deletion) की प्रक्रिया चल रही है और पिछले 4 महीनों से नए नाम जोड़ने का कोई काम नहीं हुआ है। उन्होंने 'Logical Discrepancy' (तार्किक विसंगति) के नाम पर 1.36 करोड़ लोगों के नाम सूची में संदिग्ध श्रेणी में रखे जाने पर सवाल उठाए। साथ ही उन्होंने बीजेपी शासित राज्यों से माइक्रो-ऑब्जर्वर्स बुलाए जाने और आधार या डोमिसाइल जैसे दस्तावेजों को स्वीकार न करने पर भी आपत्ति जताई।
कोर्ट का रुख और नोटिस
चीफ जस्टिस की अध्यक्षता वाली पीठ ने चुनाव आयोग (ECI) और पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को नोटिस जारी किया है और उनसे जवाब मांगा है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि किसी भी निर्दोष नागरिक का नाम मतदाता सूची से बाहर नहीं होना चाहिए।