यह एक भावनात्मक और मनोवैज्ञानिक स्थिति है जिसे समाज में अक्सर 'दो नावों की सवारी' या 'दोराहे' के रूप में देखा जाता है। मनोवैज्ञानिकों और समाजशास्त्रियों के अनुसार, इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं।
भावनात्मक अधूरापन
कई बार वैवाहिक जीवन में भावनात्मक जुड़ाव की कमी होने पर व्यक्ति अपनी भावनात्मक जरूरतों के लिए किसी अन्य की ओर आकर्षित हो सकता है।
जिम्मेदारी बनाम इच्छा
एक शादीशुदा आदमी अक्सर अपनी जिम्मेदारियों (परिवार, बच्चे) और अपनी व्यक्तिगत इच्छाओं के बीच फंसा महसूस करता है।
पुरानी यादें या पूर्व प्रेम
कभी-कभी व्यक्ति अपने वर्तमान में खुश होने के बावजूद अपने अतीत या किसी पुराने रिश्ते को पूरी तरह नहीं भुला पाता।
नयापन की तलाश
लंबे समय तक एक ही दिनचर्या में रहने के बाद, कुछ लोग नएपन या उत्साह की तलाश में किसी अन्य संबंध की ओर खिंचने लगते हैं।
परिणाम और समाधान
ऐसी स्थिति अक्सर मानसिक तनाव, अपराधबोध (guilt) और रिश्तों में कड़वाहट पैदा करती है।
आत्म-मंथन
यह समझना जरूरी है कि वह वास्तव में क्या चाहता है।
संवाद
अपने साथी से खुलकर बात करना और वैवाहिक जीवन की दूरियों को मिटाना एक बेहतर विकल्प हो सकता है।
परामर्श
यदि स्थिति जटिल हो, तो किसी प्रोफेशनल रिलेशनशिप काउंसलर की मदद लेना उपयोगी रहता है।