घूसखोर पंडत के बाद अब आ गई 'यादव जी की लव स्टोरी, विवादों में उलझी कहानी, कई जिलों में उठी आवाज
यादव समुदाय का आरोप है कि फिल्म के नाम में उनकी जाति का इस्तेमाल कर उन्हें गलत तरीके से टारगेट किया गया है।
मुंबई। मनोज बाजपेयी की विवादित फिल्म 'घूसखोर पंडत' के नाम बदलने (अब 'एक बंदा काफी है' के सीक्वल के रूप में चर्चा में) के बाद, अब उत्तर प्रदेश में 'यादव जी की लव स्टोरी' को लेकर भारी विरोध शुरू हो गया है। 27 फरवरी 2026 को रिलीज होने वाली इस फिल्म पर यादव समुदाय ने अपनी छवि खराब करने और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का आरोप लगाया है।
क्यों हो रहा विवाद
बता दें कि यादव समुदाय का आरोप है कि फिल्म के नाम में उनकी जाति का इस्तेमाल कर उन्हें गलत तरीके से टारगेट किया गया है। प्रदर्शनकारियों के अनुसार, फिल्म में एक यादव युवती और मुस्लिम युवक की प्रेम कहानी दिखाकर इसे 'लव जिहाद' से जोड़ने की कोशिश की गई है, जिससे समुदाय की भावनाएं आहत हुई हैं। साथ ही आरोप है कि फिल्म में यादव समाज की बेटियों और उनके गौरवशाली इतिहास का अपमानजनक चित्रण किया गया है।
कई जिलों में उठी विरोध की आवाज
संभल: यहां सबसे उग्र विरोध देखने को मिला है। धनारी और गुन्नौर थानों में प्रोड्यूसर संदीप तोमर, डायरेक्टर अंकित भड़ाना, अभिनेत्री प्रगति तिवारी और अभिनेता विशाल मोहन के खिलाफ FIR दर्ज की गई है।
फिरोजाबाद और मैनपुरी: 'विश्व यादव परिषद' और 'यादव महासभा' ने जिलाधिकारी (DM) को ज्ञापन सौंपकर फिल्म की रिलीज पर तुरंत रोक लगाने की मांग की है।
अल्टीमेटम
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि 27 फरवरी तक फिल्म पर प्रतिबंध नहीं लगाया गया, तो वे सड़कों पर बड़ा आंदोलन करेंगे और सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाएंगे।
मेकर्स की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं
फिल्म की टीम में ब्राह्मण समाज के लोग भी शामिल हैं, जिससे यह मामला जातिगत विवाद (पंडित बनाम यादव) का रूप लेता दिख रहा है। फिलहाल, मेकर्स की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।