असम में अमित शाह की हुंकार! बोले- कांग्रेस राज में बम धमाके और भाजपा के शासनकाल को लेकर यह कहा...
गृह मंत्री ने मंच से भावुक होते हुए कहा कि मैं आप सभी से तहे दिल से माफी मांगता हूं। खराब मौसम के कारण मेरा हेलीकॉप्टर उड़ान नहीं भर सका, जिसकी वजह से मुझे यहां पहुंचने में करीब दो घंटे की देरी हुई।
गुवाहाटी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज यानी रविवार को असम के शोणितपुर में एक चुनावी जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने राज्य की बदली स्थिति का जिक्र किया। शाह ने दावा करते हुए कहा कि भाजपा के शासनकाल में असम पूरी तरह से उग्रवाद और आतंकवाद के चंगुल से मुक्त हो चुका है। उन्होंने कांग्रेस के पिछले शासनकाल की याद दिलाते हुए कहा कि उस समय असम की पहचान ‘बम धमाकों’ और ‘गोलीबारी’ से होती थी। लेकिन भाजपा के शासनकाल में असम की गिनती देश के विकसित राज्यों में होने लगी है।
जनता से मांगी क्षमा
दरअसल राब मौसम के कारण उनके सफर में काफी बाधाएं आई, इसलिए ढे़कियाजुली में आयोजित विशाल जनसभा में जैसे ही अमित शाह मंच पर पहुंचे, उन्होंने सबसे पहले जनता से अपनी देरी के लिए माफी मांगी।
गृह मंत्री भावुक
गृह मंत्री ने मंच से भावुक होते हुए कहा कि मैं आप सभी से तहे दिल से माफी मांगता हूं। खराब मौसम के कारण मेरा हेलीकॉप्टर उड़ान नहीं भर सका, जिसकी वजह से मुझे यहां पहुंचने में करीब दो घंटे की देरी हुई। पूरे रास्ते मैं अशोक जी प्रदेश भाजपा नेता से फोन पर पूछ रहा था कि क्या लोग अभी भी वहां मौजूद हैं? मुझे बताया गया कि मैदान की एक भी कुर्सी खाली नहीं है और लोग सड़कों के किनारे तक बैठे हुए हैं। आप सभी का यह धैर्य और प्यार मेरे लिए बेहद अनमोल है।
कांग्रेस को घेरा
इस दौरान शाह ने कहा कि आज की यह सभा इस बात का जीता-जागता सबूत है कि असम की जनता ने अपना मन बना लिया है। उन्होंने घोषणा करते हुए कहा कि असम में भाजपा की लगातार तीसरी बार सरकार बनने जा रही है। जनता का यह उत्साह बता रहा है कि विकास और सुरक्षा की जो यात्रा 2016 में शुरू हुई थी, वह अब रुकने वाली नहीं है। शाह ने विश्वास जताया कि राज्य की 126 सीटों में से भाजपा और सहयोगी दल 90 से अधिक सीटें जीतकर ऐतिहासिक बहुमत हासिल करेंगे।
कांग्रेस राज में लोगों की जाती थी जान
अमित शाह ने जनसभा में उपस्थित भीड़ को संबोधित करते हुए कहा कि एक समय था जब कांग्रेस के राज में असम में हर दिन कहीं न कहीं बम धमाके होते थे। निर्दोषों की जान जाती थी। कांग्रेस ने असम के युवाओं के हाथों में हथियार दिए, लेकिन भाजपा ने उनके हाथों में लैपटॉप और रोजगार देने का काम किया है।