महिलाओं में ज्यादा बाल झड़ना क्या देता है किसी बीमारी का संकेत! इन लक्षणों से पहचानें
नई दिल्ली। महिलाओं में कई बार अत्यधिक बाल झड़ते हैं। लेकिन कई बार बाल झड़ना शरीर में पनप रही किसी बीमारी या अंदरूनी असंतुलन का संकेत हो सकता है। जहां सामान्य रूप से दिन में 50 से 100 बाल झड़ना प्राकृतिक है, वहीं इससे ज्यादा बाल गिरना किसी स्वास्थ्य समस्या की ओर इशारा कर सकता है।
क्या हो सकती है प्रमुख बीमारियां और स्थितियां
थायरॉइड की समस्या: हाइपोथायरायडिज्म (थायरॉइड हार्मोन की कमी) या हाइपरथायरायडिज्म (अधिकता) दोनों ही बालों के पतले होने और झड़ने का कारण बन सकते हैं।
हार्मोनल असंतुलन (PCOS): पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS) में एण्ड्रोजन (पुरुष हार्मोन) के स्तर में वृद्धि होने से सिर के बाल पतले होकर झड़ने लगते हैं।
एनीमिया (आयरन की कमी): शरीर में आयरन की कमी से हेयर फॉलिकल्स को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती, जिससे बाल कमजोर होकर टूटने लगते हैं।
ऑटोइम्यून बीमारियां: एलोपेसिया एरेटा जैसी स्थिति में शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली खुद ही बालों की जड़ों पर हमला करने लगती है, जिससे पैच में बाल झड़ते हैं। ल्यूपस जैसी अन्य बीमारियां भी इसका कारण हो सकती हैं।
पोषक तत्वों की कमी: विटामिन D, विटामिन B12, जिंक और बायोटिन जैसे आवश्यक पोषक तत्वों की कमी बालों के विकास चक्र को प्रभावित करती है।
गंभीर संक्रमण या बुखार: टाइफाइड, डेंगू, कोविड-19 या मलेरिया जैसे संक्रमण के 2-3 महीने बाद अक्सर बाल झड़ने लगते हैं, जिसे 'टेलोजेन फ्लुवियम' कहा जाता है।
स्कैल्प इन्फेक्शन: दाद या अन्य फंगल इन्फेक्शन के कारण भी बालों का झड़ना शुरू हो सकता है।
डॉक्टर से कब मिलना है?
यदि आपके बाल अचानक गुच्छों में गिर रहे हैं। स्कैल्प पर पैच दिख रहे हैं, या बाल झड़ने के साथ-साथ थकान, वजन बढ़ना/घटना या अनियमित पीरियड्स जैसे लक्षण हैं, तो आपको किसी त्वचा विशेषज्ञ या ट्राइकोलॉजिस्ट से सलाह लेनी चाहिए।