बजट सत्र से पहले सरकार की विपक्ष को चेतावनी, कहा- सुझावों का स्वागत है लेकिन हंगामा नहीं होने देंगे...
नई दिल्ली। संसद के बजट सत्र 2026 की शुरुआत से पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में आज सरकार ने एक महत्वपूर्ण सर्वदलीय बैठक बुलाई गई। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बैठक के बाद सरकार का रुख स्पष्ट किया। रिजिजू ने कहा कि केंद्र सरकार संसद के बजट सत्र से पहले सभी राजनीतिक दलों के सुझाव सुनने को तैयार है। उन्होंने कहा कि चर्चा संसदीय नियमों के मुताबिक ही होनी चाहिए। उन्होंने ये भी साफ कर दिया कि हंगामा नहीं होने देंगे।
क्या बोले रिजिजू
बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए रिजिजू ने कहा- नियमों के अनुसार, चर्चा सिर्फ बजट पर ही होनी चाहिए। सत्र की शुरुआत में राष्ट्रपति संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करेंगी। उसके बाद राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बहस होगी, जिसमें सभी दल हिस्सा लेंगे। सरकार हमेशा किसी भी सुझाव को सुनने के लिए खुश है। उन्होंने आगे कहा कि सरकार हमेशा सुनने को तैयार है, लेकिन अगर हर बार विपक्षी दल हंगामा करते हैं और सदन नहीं चलने देते, तो समस्या पैदा होती है।
बजट सत्र का कार्यक्रम
सत्र की शुरुआत 28 जनवरी को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण से होगी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करेंगी। पहला चरण 28 जनवरी से 13 फरवरी तक और दूसरा चरण 9 मार्च से 2 अप्रैल तक।
विपक्ष की मांग
कांग्रेस सहित विपक्षी दलों ने बैठक में सरकार द्वारा विधायी एजेंडा साझा न करने पर सवाल उठाए, हालांकि सरकार ने आश्वासन दिया कि इसे जल्द ही साझा किया जाएगा।