हर-हर महादेव: किन्नर अखाड़ा घोषित करेगा अपना अलग शंकराचार्य, कल होगी घोषणा, सनातन परंपरा में ऐतिहासिक मोड़!
नई दिल्ली। सनातन परंपरा में एक ऐतिहासिक मोड़ आने वाला है। दरअसल किन्नर अखाड़ा ने महाशिवरात्रि (15 फरवरी 2026) के पावन अवसर पर देश के पहले 'किन्नर शंकराचार्य' की नियुक्ति करने का भव्य निर्णय लिया है। यह अभिषेक समारोह भोपाल के लालघाटी क्षेत्र में आयोजित किया जाएगा, जहां नए शंकराचार्य के साथ-साथ 'महामंडलेश्वर' और 'महंतों' के नामों की भी घोषणा होगी।
उद्देश्य
अखाड़े के संस्थापक ऋषि अजय दास के अनुसार, इसका मुख्य लक्ष्य समुदाय को संगठित करना और 'किन्नर जिहाद' व धर्मांतरण जैसे मुद्दों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। साथ ही इस खास दिन पर लगभग 250 ट्रांसजेंडर लोग, जो अन्य धर्मों में चले गए थे, पुनः हिंदू धर्म में वापसी (घर वापसी) करेंगे। समुदाय ने राजस्थान के पुष्कर में एक 'पीठ' स्थापित करने का निर्णय लिया है, जो उनके शंकराचार्य का स्थायी निवास होगा।
विरोध की चुनौती
इस कदम को लेकर कुछ हलकों से विरोध और धमकियां भी मिली हैं, लेकिन अखाड़े के नेतृत्व ने स्पष्ट किया है कि वे इस ऐतिहासिक बदलाव के लिए पूरी तरह तैयार हैं। किन्नर अखाड़े की स्थापना 2016 के उज्जैन सिंहस्थ कुंभ में हुई थी और तब से यह समुदाय को धार्मिक पहचान दिलाने में सक्रिय है।