अगर आपके प्रेमी आपसे लड़ाई नहीं करते हैं तो इसका मतलब प्यार में कुछ कमी है, जानें क्या कहते हैं मनोवैज्ञानिक

Update: 2026-02-03 19:50 GMT

अगर लड़ाई नहीं होती तो प्यार नहीं है, लेकिन इसके पीछे के मनोवैज्ञानिक तथ्यों को समझना जरूरी है। रिश्तों में विवाद और प्यार के बीच के संबंध को विशेषज्ञ इस तरह देखते हैं।

सक्रिय जुड़ाव (Active Engagement)

मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि असहमति या छोटी-मोटी बहस इस बात का संकेत हो सकती है कि दोनों पार्टनर रिश्ते में गहराई से जुड़े हुए हैं और एक-दूसरे की बातों की परवाह करते हैं। जब कोई व्यक्ति लड़ना बंद कर देता है, तो यह कभी-कभी भावनात्मक अलगाव (Emotional Disengagement) या हार मान लेने का संकेत हो सकता है।

दूरी और चुप्पी का जोखिम

यदि कोई पार्टनर अपनी शिकायतों को मन में दबाए रखता है ताकि लड़ाई न हो, तो यह भविष्य में बड़े तनाव या असंतोष (Resentment) का कारण बन सकता है। कभी-कभी पूरी तरह चुप्पी इस बात का संकेत होती है कि व्यक्ति अब रिश्ते को सुधारने की कोशिश करने के लिए बहुत थक चुका है।

स्वस्थ विवाद बनाम जहरीली लड़ाई

प्यार का मतलब "लड़ना" नहीं, बल्कि अपनी बात को ईमानदारी से रखना है। स्वस्थ रिश्तों में लोग असहमत होते हैं, लेकिन वे एक-दूसरे का अपमान नहीं करते। अगर कोई जोड़ा कभी नहीं लड़ता, तो विशेषज्ञों के अनुसार यह "अत्यधिक अनुकूलता" भी हो सकती है या फिर एक-दूसरे के प्रति उदासीनता (Indifference)।

सुरक्षित महसूस करना

शोध बताते हैं कि जो जोड़े एक-दूसरे के साथ सुरक्षित महसूस करते हैं, वे अपनी भावनाओं और असहमति को व्यक्त करने में नहीं हिचकिचाते।

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