नई दिल्ली। धार्मिक मान्यताओं और वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर में सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखने के लिए कुछ देवी-देवताओं के विशेष स्वरूपों की तस्वीर रखना अशुभ माना जाता है।
देवी-देवताओं के रौद्र स्वरूप
माँ काली, भैरव देव या भगवान शिव के तांडव (नटराज) वाले स्वरूप की तस्वीरें घर में नहीं रखनी चाहिए। माना जाता है कि ये उग्र स्वरूप विनाश और तीव्र ऊर्जा का प्रतीक हैं, जो घर में कलह और अशांति पैदा कर सकते हैं।
शनि देव और राहु-केतु
शनि देव की ऐसी तस्वीर जिसमें वे सामने देख रहे हों, घर में रखना वर्जित है क्योंकि उनकी दृष्टि को कष्टकारी माना जाता है। इसी तरह राहु-केतु की मूर्तियाँ भी घर के मंदिर में नहीं रखनी चाहिए।
खड़ी मुद्रा में लक्ष्मी जी
मान्यता है कि खड़ी मुद्रा में माँ लक्ष्मी की तस्वीर रखने से धन घर में टिकता नहीं है। सुख-समृद्धि के लिए हमेशा बैठी हुई मुद्रा वाली तस्वीर शुभ मानी जाती है।
युद्ध या विनाश की मुद्रा
माँ दुर्गा या किसी भी देवता की वह तस्वीर जिसमें वे असुरों का वध कर रहे हों या युद्ध की मुद्रा में हों, घर में नकारात्मकता ला सकती है।
खंडित मूर्तियाँ या फटी तस्वीरें
वास्तु के अनुसार, टूटी हुई मूर्ति या फटी हुई धार्मिक तस्वीर तुरंत हटा देनी चाहिए क्योंकि ये नकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करती हैं।
पूर्वजों की तस्वीरें
पूजा घर के अंदर मृत परिजनों या पूर्वजों की तस्वीरें देवी-देवताओं के साथ नहीं रखनी चाहिए। इससे पितृ दोष और घर में अशांति की संभावना बनी रहती है।
सावधानी के लिए अन्य नियम
शिवलिंग: घर में बहुत बड़ा शिवलिंग नहीं रखना चाहिए; यदि रखें तो वह अँगूठे के आकार का होना चाहिए और उसकी नियमित पूजा अनिवार्य है।
एकाधिक मूर्तियाँ: एक ही देवता की एक से अधिक तस्वीरें या मूर्तियाँ आमने-सामने नहीं होनी चाहिए, इससे मानसिक तनाव बढ़ सकता है।