15 मार्च से शुरू हो रहा है खरमास, जानें इस दौरान क्या करना वर्जित है

खरमास के दौरान ब्राह्मणों, गरीबों और जरूरतमंदों को अन्न-धन समेत आदि चीजों का दान करना चाहिए। इससे जातक को शुभ फल की प्राप्ति होती है।

Update: 2026-03-11 14:30 GMT

नई दिल्ली। खरमास की अवधि के दौरान शुभ और मांगलिक काम वर्जित होते हैं। ज्योतिषीय गणना के मुताबिक, जब सूर्य देव धनु या मीन में प्रवेश करते हैं, तो उस अवधि को खरमास के नाम से जाना जाता है। 2026 में खरमास मतलब मीन संक्रांति 15 मार्च 2026 (रविवार) से शुरू होकर 14 अप्रैल 2026 (मंगलवार) तक रहेगा, जब सूर्य मीन राशि में रहेंगे। इस एक महीने की अवधि में विवाह, गृह प्रवेश, और नए व्यवसाय शुरू करने जैसे मांगलिक कार्य वर्जित माने जाते हैं, जबकि दान, स्नान और पूजा-पाठ शुभ फलदायी होते हैं।

खरमास 2026 की महत्वपूर्ण जानकारी:

शुरुआत: 15 मार्च 2026, रविवार (14 मार्च की देर रात 1:08 बजे सूर्य मीन राशि में प्रवेश करेंगे)

समाप्ति: 14 अप्रैल 2026, मंगलवार (सूर्य के मेष राशि में प्रवेश के साथ)

वर्जित कार्य

खरमास में भूलकर भी विवाह नहीं करना चाहिए। ऐसा कहा जाता है कि इस दौरान विवाह करने से दांपत्य जीवन में परेशानी आ सकती है। इसके साथ ही भावनात्मक दूरी बन सकती है।

इसके अलावा खरमास के दौरान गृह प्रवेश या घर नहीं बनवाना चाहिए। इन कामों को करना अशुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार घर परिवार के सदस्यों पर बुरा प्रभाव पड़ता है।

खरमास में नए काम की शुरुआत करने से बचाना चाहिए। इससे जीवन में आर्थिक हानि हो सकती है। इसके साथ ही काम में सफलता नहीं मिलती है। खरमास में मुंडन संस्कार करना वर्जित है।

शुभ कार्य

खरमास के दौरान ब्राह्मणों, गरीबों और जरूरतमंदों को अन्न-धन समेत आदि चीजों का दान करना चाहिए। इससे जातक को शुभ फल की प्राप्ति होती है।

इस दौरान सूर्य देव से जीवन में सुख-शांति की प्राप्ति के लिए कामना करें। इसके लिए रोजाना सूर्य देव को अर्घ्य दें।

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