कुलधरा का श्राप या दैवीय माया? लेपाक्षी मंदिर के 'हवा में झूलते खंभे' का रहस्य

Update: 2026-02-22 02:30 GMT

आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले में स्थित लेपाक्षी मंदिर (वीरभद्र मंदिर) भारत के सबसे रहस्यमयी वास्तुशिल्प चमत्कारों में से एक है। 16वीं शताब्दी के विजयनगर साम्राज्य की कला का यह नमूना आज भी वैज्ञानिकों और इंजीनियरों के लिए एक पहेली बना हुआ है।

मुख्य रहस्य: हवा में झूलता खंभा (Hanging Pillar)

इस मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता इसके 70 भारी खंभे हैं, जिनमें से एक खंभा जमीन को नहीं छूता। यह खंभा पूरी तरह हवा में लटका हुआ है।

चमत्कार: पर्यटक इस खंभे के नीचे से कपड़ा या कागज आर-पार निकाल लेते हैं, जो यह साबित करता है कि खंभा आधार से अलग है।

वैज्ञानिक शोध: ब्रिटिश काल के दौरान एक इंजीनियर ने इसकी बनावट समझने के लिए खंभे को हिलाने की कोशिश की थी, जिससे पूरी इमारत में दरारें आने लगीं। इससे पता चला कि यह खंभा पूरी संरचना का मुख्य संतुलन केंद्र (Balance Point) है।

पौराणिक महत्व और अन्य आकर्षण

जटायु का संबंध: माना जाता है कि रावण से युद्ध के बाद पक्षीराज जटायु यहीं गिरे थे, जिन्हें भगवान राम ने 'ले पाक्षी' (उठो पक्षी) कहकर सहारा दिया था।

नंदी की विशाल प्रतिमा: मंदिर के पास ही ग्रेनाइट पत्थर से बनी देश की सबसे बड़ी नंदी प्रतिमाओं में से एक स्थित है।

विशाल पदचिह्न: यहां पत्थर पर एक विशाल पैर का निशान है, जिसे माता सीता या हनुमान जी से जोड़कर देखा जाता है।

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