शरीर के किसी अंग में क्यों मार देता है लकवा, जानें कारण और बचाव के प्रभावी तरीके
आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली और बढ़ते तनाव के कारण 'पैरालिसिस' या 'लकवा' के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें शरीर के किसी अंग की मांसपेशियां काम करना बंद कर देती हैं। समय पर पहचान और सही जीवनशैली ही इससे बचने का एकमात्र प्रभावी रास्ता है।
पैरालिसिस होने के मुख्य कारण
लकवा अचानक नहीं आता, इसके पीछे शरीर में लंबे समय से चल रही कुछ बीमारियां या अचानक लगी चोट जिम्मेदार होती हैं।
ब्रेन स्ट्रोक: मस्तिष्क की किसी नस में खून का थक्का जमना या नस फटना सबसे प्रमुख कारण है।
हाई ब्लड प्रेशर: उच्च रक्तचाप नसों पर दबाव डालता है, जिससे स्ट्रोक का खतरा बढ़ता है।
रीढ़ की हड्डी में चोट: एक्सीडेंट या गिरने से तंत्रिका तंत्र (Nervous System) का संपर्क टूट जाता है।
मधुमेह (Diabetes): शुगर लेवल अनियंत्रित होने से नसें कमजोर हो जाती हैं।
संक्रमण: पोलियो या मेनिन्जाइटिस जैसे वायरल इन्फेक्शन।
कैसे पहचानें? (प्रमुख लक्षण)
डॉक्टरों के अनुसार, FAST फॉर्मूले से इसे तुरंत पहचाना जा सकता है:
F (Face): चेहरा एक तरफ झुकना या टेढ़ा होना।
A (Arms): हाथ उठाने में कमजोरी महसूस होना।
S (Speech): बोलने में हकलाहट या आवाज साफ न निकलना।
T (Time): बिना देरी किए तुरंत अस्पताल पहुंचना।
बचाव के प्रभावी तरीके
पैरालिसिस से बचने के लिए अपनी दिनचर्या में ये बदलाव करना अनिवार्य है:
बीपी और शुगर कंट्रोल: नियमित जांच कराएं और दवाओं का सेवन डॉक्टर की सलाह पर ही करें।
नियमित व्यायाम: रोजाना कम से कम 30 मिनट पैदल चलें या योग करें।
संतुलित आहार: खाने में नमक और वसा (Fat) की मात्रा कम करें; फल और हरी सब्जियां बढ़ाएं।
बुरी आदतों का त्याग: धूम्रपान और शराब का सेवन नसों को सीधे नुकसान पहुंचाता है, इनसे दूर रहें।
तनाव प्रबंधन: पर्याप्त नींद लें और मानसिक शांति के लिए ध्यान (Meditation) करें।
विशेषज्ञ की राय: यदि शरीर के किसी हिस्से में सुन्नता या कमजोरी महसूस हो, तो उसे नजरअंदाज न करें। 'गोल्डन ऑवर' (शुरुआती 3-4 घंटे) में इलाज मिलने पर मरीज के पूरी तरह ठीक होने की संभावना 90% तक होती है।