भारत में लगभग 42% युवा भाग रहे हैं शादी से दूर! जानें क्या इन्हें असफल शादियों का डर है या कुछ और...
भारत के युवाओं के बीच शादी से दूरी बनाने या इसे टालने के रुझान के पीछे कई आर्थिक, सामाजिक और व्यक्तिगत कारण हैं। नवीनतम रिपोर्ट्स और सर्वेक्षणों के अनुसार, इसके कई कारण हैं। हालांकि एक हालिया सर्वे के अनुसार, भारत में लगभग 42% युवा (26 से 40 वर्ष) अब शादी करने की इच्छा नहीं रखते हैं, जो इस बदलते नजरिए को दर्शाता है।
करियर और आर्थिक स्वतंत्रता
आज के युवा, विशेष रूप से महिलाएं, शादी से पहले अपने करियर को स्थिर करने और आर्थिक रूप से स्वतंत्र होने को प्राथमिकता दे रहे हैं। 2025-26 के रुझानों के अनुसार, कई युवा अपनी 20s और शुरुआती 30s की उम्र को प्रोफेशनल ग्रोथ के लिए महत्वपूर्ण मानते हैं।
आर्थिक बोझ और महंगाई
शादियों का भारी खर्च, रहने की बढ़ती लागत (housing costs), और परिवार की जिम्मेदारी उठाने का डर युवाओं को शादी से रोक रहा है। कई लोग खुद को आर्थिक रूप से इसके लिए तैयार महसूस नहीं करते।
निजी स्वतंत्रता और स्वायत्तता
युवा अपनी जीवनशैली, घूमने-फिरने और निजी फैसलों में किसी भी तरह का समझौता या पाबंदी नहीं चाहते। उन्हें डर है कि शादी के बाद उनकी "आजादी" खत्म हो जाएगी।
असफल शादियों का डर
अपने आसपास या माता-पिता की असफल शादियों और बढ़ते तलाक के मामलों को देखकर युवाओं में कमिटमेंट को लेकर डर (gamophobia) बढ़ गया है। वे शादी को एक "जोखिम" के रूप में देखने लगे हैं।
बदलते सामाजिक मापदंड
अब शादी को जीवन का अनिवार्य हिस्सा नहीं, बल्कि एक विकल्प (optional) माना जा रहा है। लिव-इन रिलेशनशिप (Live-in relationships) और अकेले रहने (singlehood) के प्रति समाज की स्वीकार्यता भी बढ़ी है।
सही पार्टनर की तलाश
युवा अब केवल उम्र या सामाजिक दबाव में शादी करने के बजाय एक सही और वैचारिक रूप से मेल खाने वाले साथी (emotional compatibility) का इंतजार करना बेहतर समझते हैं।