अपने ही सांसद गिरधारी यादव की सदस्यता समाप्त करने के लिए नीतीश की कार्रवाई, जानें पूरा मामला
जेडीयू नेता सुपौल से सांसद दिलेश्वर कामत ने गिरधारी यादव की सदस्यता को खत्म करने के लिए लोकसभा के स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखा है।
पटना। बिहार की राजनीति में जेडीयू के अंदर काफी हलचल होती दिख रही है। जेडीयू अपने ही सांसद गिरधारी यादव की सदस्यता समाप्त करने पर विचार कर रही है। दरअसल जेडीयू नेता सुपौल से सांसद दिलेश्वर कामत ने गिरधारी यादव की सदस्यता को खत्म करने के लिए लोकसभा के स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखा है। अब इस कड़ी में जेडीयू के अन्य नेताओं की प्रतिक्रिया भी सामने आने लगी है।
फैसला हमने नहीं लिया है, इस पर अध्यक्ष विचार करेंगे
केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन (ललन) सिंह ने आज यानी बुधवार को लोकसभा में जेडीयू पार्टी के नेता दिलेश्वर कामत द्वारा लोकसभा स्पीकर को बांका से जेडीयू सांसद गिरधारी यादव को पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए अयोग्य ठहराने के नोटिस पर कहा कि फैसला हमने नहीं लिया, फैसला उन्होंने लिया जो विधानसभा के चुनाव में उन्होंने अपने लड़के को आरजेडी के टिकट पर चुनाव लड़ाया और खुद चुनाव प्रचार में वह लगे रहे तो उसी आधार पर हमारे संसदीय नेता दिलेश्वर कामत ने अवदेन दिया है अब इस पर अध्यक्ष विचार करेंगे।
गिरधारी यादव के बेटे ने आरजेडी से चुनाव लड़ा था
इस मामले में जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने कहा कि हमारी पार्टी में लोकसभा के जो नेता हैं दिलेश्वर कामत उन्होंने स्पीकर के यहां फाइल किया है। विधानसभा चुनाव में गिरधारी यादव के जो पुत्र हैं उन्होंने आरजेडी से चुनाव लड़ा था। उसी संसदीय क्षेत्र से जहां से वो सांसद हैं। इसी के आधार पर फाइल किया गया है।
पार्टी के आदेश पर कार्रवाई की गई
वहीं, दिलेश्वर कामत ने कहा कि जो विधानसभा (2025) का चुनाव हुआ था उसमें गिरधारी यादव ने अपने बेटे को आरजेडी से टिकट दिलाकर आरजेडी के फेवर में प्रचार किया था। पार्टी विरोधी काम किया था। इसको लेकर पार्टी ने कार्रवाई की आदेश दिया है, तो लोकसभा के स्वीकर को कार्रवाई के लिए पत्र लिखा गया है।