पीयूष गोयल ने ट्रंप की टैरिफ का दिया करारा जवाब, कहा- इस साल भारत का निर्यात अधिक होगा, जानें इसके पीछे क्या दिया तर्क
पीयूष गोयल ने कहा कि अगर कोई देश हमारे साथ मुक्त व्यापार समझौता करना चाहता है, तो हम हमेशा तैयार रहते हैं।;
नई दिल्ली। अमेरिका ने भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगा दिया है। इसके बावजूद भारत के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बड़ा ऐलान किया है। मंत्री ने कहा कि टैरिफ लगने के बाद भी इस साल भारत का निर्यात पिछले साल से अधिक होगा। सरकार सभी क्षेत्रों में निर्यात बढ़ाने के लिए जल्द से जल्द ठोस कदम उठाएगी।
पीयूष गोयल ने कहा
पीयूष गोयल ने कहा कि अगर कोई देश हमारे साथ मुक्त व्यापार समझौता करना चाहता है, तो हम हमेशा तैयार रहते हैं। लेकिन अगर किसी भी तरह का भेदभाव भारत के 140 करोड़ नागरिकों के आत्मविश्वास एवं स्वाभिमान को ठेस पहुंचाने वाला होगा। हम तो न हम झुकेंगे और न ही कभी कमजोर पड़ेगें। हमलोग साथ हैं, सब मिलकर आगे बढ़ते रहेंगे और नए बाजारों में अपना दबदबा कायम करेंगे। मैं दावा करता हूं कि इस साल हमारा निर्यात पिछले साल से ज्यादा होगा।
आगे गोयल ने कहा, मैं आपको आश्वासन देता हूं कि सरकार हर सेक्टर में मदद के लिए ठोस योजनाओं की घोषणा करेगी, जिससे घरेलू बाजार में बिक्री बढ़ने के साथ विदेशी बाजारों में भी भारत की मांग बढ़ सके। इस साल हमारे आत्मविश्वास को नई दिशा मिलेगी।
निर्यात के लक्ष्य में वृद्धि
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक पिछले वित्त वर्ष में भारत ने 824.9 अरब डॉलर का निर्यात किया था। जबकि उससे पहले के वित्त वर्ष में 778.1 अरब डॉलर का निर्यात किया गया था। निर्यात के आंकड़ों में वृद्धि पाई गई। सरकार ने इस वित्त वर्ष में एक लाख करोड़ डॉलर के निर्यात का लक्ष्य रखा है।
भारत ने जुलाई 2025 में 68.25 अरब डॉलर का निर्यात किया, जो पिछले साल के इसी महीने के 65.31 अरब डॉलर से अधिक है। अप्रैल-जुलाई 2025 के दौरान वस्तुओं और सेवाओं का कुल निर्यात 277.63 अरब डॉलर का रहा है, जो अप्रैल-जुलाई 2024 में 263.83 अरब डॉलर था। साल के प्रथम चार महीने में वस्तुओं का निर्यात 144.76 अरब डॉलर की तुलना में 149.20 अरब डॉलर रहा है।
वैश्विक निर्यात में भारत की हिस्सेदारी कम
गोयल ने कहा कि वैश्विक निर्यात में वर्तमान में भारत की हिस्सेदारी बहुत कम है। उन्होंने उन विश्लेषकों की निंदा की है जिन्होंने अमेरिकी टैरिफ को निराशा के रूप में दिखाया और भारतीय अर्थव्यवस्था पर इसके नकारात्मक प्रभाव की बात फैलाई है। उन्होंने आगे कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था आयात पर निर्भर है।