गरीब महिलाओं के एग की बिक्री, बदले में दिए जाते थे हजारों रुपये, इन राज्यों में गैंग सक्रिय, पुलिस ने ऐसे किया भंडाफोड़

पुलिस ने कहा कि इस मामले में गिरफ्तार की गई तीन महिलाओं के मोबाइल फोन से मिले संपर्कों के आधार पर कई बड़े अस्पतालों पर गाज गिर सकती है

Update: 2026-02-23 11:57 GMT

मुंबई। महाराष्ट्र के बदलापुर से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। दरअसल पुलिस ने महिलाओं के एग की अवैध बिक्री करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस कड़ी में अब पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए अन्य राज्यों से तार जुड़े होने की बात की है। पुलिस के जानकारी दी कि इस गिरोह के तार नाशिक, नागपुर, तेलंगाना और बेंगलुरु तक जुड़े हैं।

तीन महिलाओं की गिरफ्तारी से खुला राज

पुलिस ने कहा कि इस मामले में गिरफ्तार की गई तीन महिलाओं के मोबाइल फोन से मिले संपर्कों के आधार पर कई बड़े अस्पतालों पर गाज गिर सकती है। दरअसल कुछ डॉक्टरों की भूमिका जांच एजेंसियों के रडार पर आने वाली हैं। अब तक कि जांच में पता चला है कि गिरोह ने 300 से अधिक जरूरतमंद महिलाओं को अपना शिकार बनाया है। पुलिस इस मामले की गहनता से जांच कर रही है।

पीड़ितों को हजारों रुपये की पेशकश दी जाती थी

पीड़ितों को एक बार के लिए 25,000 से 30,000 रुपये की पेशकश की जाती थी। उन्हें हर बार एक अंडाणु दाता के रूप में इस्तेमाल किया जाता था, जिसके परिणामस्वरूप उनका शारीरिक शोषण होता था। उन्हें आईवीएफ केंद्रों में ले जाकर अंडों को शल्य चिकित्सा द्वारा निकाला जाता था और उसे लाखों में बेचा जाता था। उन्होंने बताया कि अब तक कई महिलाएं इस रैकेट का शिकार हो चुकी हैं।

अंडाणु दान प्रजनन का भाग

अंडाणु दान एक प्रजनन प्रक्रिया है जिसमें एक महिला गर्भधारण के लिए किसी अन्य व्यक्ति को अपने अंडे देती है, आमतौर पर आईवीएफ के माध्यम से। इस समय दाता की जांच और हार्मोन उपचार किया जाता है, फिर अंडे निकाले जाते हैं, निषेचित किए जाते हैं, उसके बाद प्राप्तकर्ता के गर्भाशय में स्थानांतरित कर दिए जाते हैं।


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