प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी पहुंची SC, बिहार में इस कारण से नए सिरे से विधानसभा चुनाव कराने की मांग उठाई...

Update: 2026-02-05 08:43 GMT

पटना। प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी (JSP) ने 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव परिणामों को रद्द करने और राज्य में नए सिरे से चुनाव कराने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। जन सुराज का आरोप है कि चुनाव आचार संहिता (MCC) लागू होने के बाद बिहार सरकार ने मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत लगभग 25-35 लाख महिला मतदाताओं के खातों में 10,000-10,000 रुपये सीधे ट्रांसफर किए। पार्टी ने इसे मतदाताओं को लुभाने के लिए भ्रष्ट आचरण और अवैध कदम बताया है।

याचिका का आधार

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच शुक्रवार को याचिका पर सुनवाई करेगी। जनसुराज ने अनुच्छेद 32 के तहत याचिका दाखिल की है। याचिका में मांग की गई है कि आचार संहिता लागू होते हुए महिलाओं के खाते में पैसे ट्रांसफर करना और नए लाभार्थियों को जोड़े जाने को गैरकानूनी ठहराया जाए। उन्होंने कहा कि यह संविधान के अनुच्छेद 14, 21, 112, 202 और 324 का उल्लंघन है।

जनसुराज की याचिका में कहा गया कि चुनाव आयोग को आर्टिकल 324 और रिप्रेजेंटेशन ऑफ पीपल्स एक्ट के सेक्शन 123 के तहत कार्रवाई करने का निर्देश दिया जाए। याचिकाकर्ता का कहना है कि बिहार चुनाव के दौरान 25-35 लाख महिला वोटर्स को 10-10 हजार रुपये ट्रांसफर किए गए। याचिकाकर्ता का यह भी आरोप है कि सेल्फ हेल्प ग्रुप JEEVIKA की 1.8 लाख महिला लाभार्थियों को दोनों चरणों के चुनाव में पोलिंग बूथ पर नियुक्त किया जाना भी गैरकानूनी है।

सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी

भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्य कांत की अध्यक्षता वाली पीठ इस मामले की सुनवाई के लिए तैयार हो गई है। सुनवाई के दौरान पीठ ने उल्लेख किया कि मामला शुक्रवार, 6 फरवरी 2026 को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जा सकता है।

चुनाव परिणाम

2025 के चुनावों में NDA ने 202 सीटें जीतकर भारी बहुमत हासिल किया था, जबकि जन सुराज पार्टी एक भी सीट जीतने में विफल रही। 

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