दिल्ली की सड़कों पर UGC हेडक्वार्टर के बाहर प्रोटेस्ट शुरू! सरकार जारी करेगी स्पष्टीकरण
नई दिल्ली। दिल्ली में यूजीसी (UGC) हेडक्वार्टर के बाहर आज छात्रों और विभिन्न संगठनों द्वारा बड़ा विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है। यह विरोध यूजीसी के नए 'प्रमोशन ऑफ इक्विटी इन हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशंस रेगुलेशंस, 2026' के खिलाफ है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश में भी कई जगहों पर सोमवार को विरोध प्रदर्शन देखे और आज भी प्रोटेस्ट बुलाए गए हैं।
विवाद का कारण
यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) ने सभी हायर एजुकेशन संस्थानों के लिए भेदभाव की शिकायतों से निपटने के लिए इक्वल अपॉर्चुनिटी सेंटर, इक्विटी कमेटी और 24/7 शिकायत हेल्पलाइन बनाना ज़रूरी कर दिया है, खासकर SC, ST और OBC स्टूडेंट्स के लिए। UGC का कहना है कि इन नियमों का मकसद कैंपस में में निष्पक्षता और सबको शामिल करना सुनिश्चित करना है. इसी नियम को लेकर कुछ लोग विरोध कर रहे हैं।
विरोधी पक्ष क्या तर्क दे रहे हैं?
नए नियमों का विरोध करने वाले लोग ये तर्क दे रहे हैं- जारी किए गए नए नियम भेदभाव के आरोपियों के लिए सुरक्षा उपायों को साफ तौर पर परिभाषित नहीं करते हैं। इनसे दोषी मानने की धारणा बनने का खतरा है, खासकर जनरल कैटेगरी के स्टूडेंट्स और फैकल्टी के खिलाफ। नियमों का पालन न करने पर संस्थानों को मान्यता रद्द होने या फंडिंग बंद होने सहित गंभीर दंड का सामना करना पड़ सकता है।
प्रशासनिक हलचल
बता दें कि नोएडा बीजेपी युवा मोर्चा के उपाध्यक्ष राजू पंडित ने इन नियमों को काला कानून बताते हुए इस्तीफा दे दिया है। लखनऊ में बीजेपी के 11 पदाधिकारियों ने सामूहिक इस्तीफा दिया है। रायबरेली और अमेठी जैसे जिलों में भी बीजेपी कार्यकर्ताओं के इस्तीफे की खबरें आई हैं। यूपी के बरेली में तैनात सिटी मजिस्ट्रेट (PCS अधिकारी) अलंकार अग्निहोत्री ने भी इन नियमों के विरोध में अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।