UGC में नए बिल पर विरोध तेज! जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने कहा-सरकार बिल वापस लें नहीं तो इच्छामृत्यु की दे इजाजत
नई दिल्ली। UGC बिल 2026 का विरोध तेज हो गया है। अब इसमें अयोध्या के जगद्गुरु परमहंस आचार्य भी कूद गए हैं। उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी को पत्र भेजा है मांग की है कि या तो यूजीसी के नए नियमों को वापस लिया जाए या फिर उन्हें इच्छामृत्यु की इजाजत दी जाए। नए नियमों के खिलाफ यूपी के अलग-अलग जगहों पर विरोध प्रदर्शन जारी हैं। नए नियमों का विरोध कर रहे पक्ष का कहना है कि इसमें सर्वण छात्रों को पहले ही दोषी माना गया।
विरोध में बीजेपी में इस्तीफे
BJP के 11 जिला पदाधिकारियों का सामूहिक इस्तीफा
नोएडा- BJYM के जिला उपाध्यक्ष का इस्तीफा
रायबरेली- भाजपा किसान मोर्चा के मंडल अध्यक्ष का इस्तीफा
इगलास (अलीगढ़)- भाजपा सोशल मीडिया प्रभारी का इस्तीफा
वाराणसी- BJP बूथ अध्यक्ष ने इस्तीफा दिया
नए नियम क्यों बने?
17 दिसंबर 2012 से जारी पुराने नियम
2016 में छात्र रोहित वेमुला ने आत्महत्या की
जातीय उत्पीड़न के चलते आत्महत्या की
मई 2019 में एक मेडिकल छात्रा ने आत्महत्या की
जातीय उत्पीड़न के आरोप में आत्महत्या की
29 अगस्त 2019 को SC में याचिका दाखिल
जातीय भेदभाव पर सख्त नियम बनाने की याचिका
जनवरी 2025 को SC ने UGC को निर्देश दिए
फरवरी 2025 में नए नियमों का ड्राफ्ट जारी हुआ
संसदीय समिति ने ड्राफ्ट की समीक्षा की
कमेटी के अध्यक्ष कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह थे
ड्राफ्ट में OBC को शामिल नहीं किया गया था
झूठी शिकायत करने पर सजा का प्रावधान था
कमेटी ने ड्राफ्ट में OBC को शामिल कराया
कमेटी ने झूठी शिकायत करने पर सजा भी हटाई
UGC का नया एक्ट
जातीय भेदभाव में SC/ST के अलावा OBC शामिल
झूठी शिकायतों पर जुर्माना और निलंबन नहीं
कॉलेज, यूनिवर्सिटी में 24 घंटे हेल्पलाइन का गठन
कमेटी में SC/ST, OBC, महिला का प्रतिनिधित्व
UGC एक्ट पर सवर्णों का दावा
सवर्णों को अच्याचारी मानने वाला एक्ट
झूठी शिकायत करने पर कोई सजा नहीं
सवर्ण छात्रों पर लगेंगे फर्जी आरोप
भेदभाव की परिभाषा सवर्ण छात्रों के खिलाफ
कमेटी में सामान्य वर्ग का प्रतिनिधित्व अस्पष्ट