थलपति विजय की 'जन नायगन' की कानूनी मुश्किलें बढ़ीं, SC का इनकार, अब हाईकोर्ट के हाथ में फैसला

Update: 2026-01-15 07:30 GMT

मुंबई। थलपति विजय की आने वाली फिल्म 'जन नायगन'की कानूनी मुश्किलें बढ़ गई हैं। दरअसल आज सुप्रीम कोर्ट ने फिल्म के सेंसर प्रमाणन (CBFC certification) से जुड़े मामले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने प्रोड्यूसर्स को मद्रास हाईकोर्ट जाने का आदेश दिया है। ऐसे में अब हाईकोर्ट ही विजय की फिल्म को लेकर फैसला देगा।

सुप्रीम कोर्ट का फैसला

जानकारी के मुताबिक जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने फिल्म निर्माताओं (KVN प्रोडक्शंस) द्वारा दायर याचिका को सुनने से मना कर दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि चूंकि मामला पहले से ही मद्रास हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच के पास लंबित है, इसलिए अभी हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने मद्रास हाई कोर्ट को निर्देश दिया है कि वह इस मामले की सुनवाई 20 जनवरी, 2026 को पूरी करे और उसी दिन फैसला सुनाने का प्रयास करे।

कहां से शुरू हुआ विवाद

शुरुआत में मद्रास हाई कोर्ट की सिंगल बेंच ने CBFC को फिल्म को तुरंत सर्टिफिकेट देने का आदेश दिया था। CBFC ने इस आदेश को डिवीजन बेंच में चुनौती दी। जिसने सिंगल बेंच के फैसले पर अंतरिम रोक लगा दी। इसी रोक के खिलाफ निर्माता सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे, जहां से उन्हें फिलहाल राहत नहीं मिली है।

रिलीज पर संकट

फिल्म पहले 9 जनवरी, 2026 को पोंगल के अवसर पर रिलीज होनी थी, लेकिन सेंसर बोर्ड के साथ चल रहे विवाद और कानूनी प्रक्रिया के कारण इसकी रिलीज अनिश्चित काल के लिए टल गई है। फिल्म के निर्माताओं ने अदालत में दलील दी थी कि उन्होंने फिल्म पर लगभग ₹500 करोड़ खर्च किए हैं और रिलीज में देरी से भारी वित्तीय नुकसान हो रहा है। अब सबकी नजरें 20 जनवरी को मद्रास हाई कोर्ट में होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं

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