नाबालिगों में बढ़ रहा है 'प्यार' का क्रेज, जानें क्या इसके पीछे सोशल मीडिया से जुड़ना है या कुछ और...
नाबालिगों (किशोरों) में 'प्यार' के प्रति बढ़ते क्रेज के पीछे कई मनोवैज्ञानिक, सामाजिक और जैविक कारण हैं। हालांकि इसके पीछे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म किशोरों को एक-दूसरे से जुड़ने के लिए निरंतर स्थान प्रदान करते हैं, जिससे उनके बीच "रिलेशनशिप" का क्रेज बढ़ता है। इंटरनेट पर मौजूद रोमांटिक कंटेंट और वेब सीरीज भी प्यार की एक काल्पनिक तस्वीर पेश करती हैं।
हार्मोनल बदलाव
किशोरावस्था के दौरान शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलाव नई भावनाओं, तीव्र आकर्षण और "जुनूनी सोच" को जन्म देते हैं।
पहचान की खोज
किशोर अक्सर अपनी पहचान और आत्म-सम्मान विकसित करने के लिए रिश्तों का सहारा लेते हैं। प्यार में होना उन्हें वयस्कों जैसा महसूस कराता है और समूह में एक अलग स्थान देता है।
दिखावा और पीयर प्रेशर (Peer Pressure)
दोस्तों के बीच "कूल" दिखने की चाहत और दूसरों को रिलेशनशिप में देखकर खुद भी वैसा ही करने की होड़ इस क्रेज को बढ़ाती है।
आकर्षण बनाम प्यार
कई बार किशोर आकर्षण (Attraction) को ही सच्चा प्यार समझ बैठते हैं, जो समय के साथ बदलता रहता है।