IRGC के दबाव में लिया गया फैसला! खामेनेई के बेटे मोजतबा बने ईरान के नए सुप्रीम लीडर

ईरान की शक्तिशाली असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स ने मोजतबा के नाम पर मुहर लगा दी है।

Update: 2026-03-04 05:03 GMT

नई दिल्ली। ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को देश का अगला सुप्रीम लीडर चुना गया है। ईरान की शक्तिशाली असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स ने मोजतबा के नाम पर मुहर लगा दी है। ईरान इंटरनेशनल के सूत्रों ने यह जानकारी साझा की। जानकारी के अनुसार, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के भारी दबाव में एक्सपर्ट की असेंबली ने यह फैसला लिया है। 

 47 साल बाद  ईरान में चुना गया नया सुप्रीम लीडर

गौरतलब है कि  ईरान के सरकारी मीडिया ने इस बारे में अभी तक मोजतबा खामेनेई के नया सुप्रीम लीडर बनाए जाने की पुष्टि नहीं की है। ईरान इंटरनेशनल ने बताया है मोजतबा के नाम का चयन ईरान की ताकतवर फोर्स इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के भारी दबाव के बीच किया गया है। इससे साफ है कि सत्ता के ढांचे में IRGC का गहरा असर है। ईरान की क्रांति के बाद यह दूसरी बार है, जब असेंबली ऑफ एक्सपर्ट ने सुप्रीम लीडर चुना है। इसके पहले मोजतबा के पिता अली खामेनेई को 47 साल पहले 1989 में सुप्रीम लीडर चुना था।

मोजतबा थे मजबूत दावेदार

सूत्रों के मुताबिक, असेंबली ऑफ एक्सपर्ट ने अली खामेनेई के बेटे मोजतबा को अगला सु्प्रीम लीडर चुना है। जानकारी के मुताबिक, 56 साल के मोजतबा देश के सर्वोच्च नेता की कमान संभालेंगे, जो ईरान में सबसे उच्च पद है। दरअसल मोजतबा को लंबे समय से अली खामेनेई के संभावित उत्तराधिकारी के रूप में देखा जाता रहा है।

असेंबली ऑफ एक्सप्रट में 88 सदस्य शामिल हैे

बता दें कि असेंबली ऑफ एक्सप्रट 88 सदस्यों वाली मौलवियों की संस्था है। ईरान के संविधान के अनुसार, इसे सुप्रीम लीडर को नियुक्त करने, उनकी देखरेख करने और जरूरत पड़ने पर उन्हें हटाने का अधिकार है। जानकारी के अनुसार, बीते कल यानी मंगलवार को दो वर्चुअल मीटिंग की गई थी। 

मोजतबा खामेनेई का परिचय

मोजतबा खामेनेई अयातुल्ला अली खामेनेई के दूसरे बड़े बेटे हैं, जो एक मध्यम स्तर के शिया धर्मगुरु हैं। वे खामेनेई के इनर सर्कल में खास जगह रखते थे और उन्हें बड़े पैमाने पर अपने पिता की गद्दी का दावेदार माना जाता रहा है।

वहीं, मोजतबा खामेनेई के ईरान के शक्तिशाली रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के साथ मजबूत संबंध हैं। हालांकि, उनके चयन को मुश्किल माना जा रहा था क्योंकि इस्लामिक रिपबल्लिक ईरान ने लंबे समय से खानदान में उत्तराधिकार सौंपे जाने की आलोचना की है।

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