HAPPY HOLI: होली पर पक्के रंग के इस्तेमाल से बचें, नहीं तो इस बीमारी का बढ़ सकता है खतरा

Update: 2026-03-04 04:30 GMT

नई दिल्ली। गुलाल और रासायनिक रंगों से होली खेलने के बाद शरीर को कई तरह की बीमारियों और समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। दरअसल, रंगों में मौजूद क्रोमियम और लेड से कांटेक्ट डर्मेटाइटिस, एग्जिमा, त्वचा पर लाल चकत्ते और गंभीर खुजली हो सकती है।

आंखों की समस्या

गुलाल में मौजूद कांच के बारीक कण और केमिकल्स कॉर्नियल एब्रेशन (आंख की पुतली पर खरोंच) या कंजंक्टिवाइटिस का कारण बन सकते हैं।

श्वसन संबंधी बीमारियां (Respiratory Issues)

गुलाल के महीन कण फेफड़ों में जाकर अस्थमा, ब्रोंकाइटिस और सांस लेने में तकलीफ पैदा कर सकते हैं।

किडनी और लिवर पर असर

पक्के रंगों में इस्तेमाल होने वाले भारी तत्व (Heavy Metals) जैसे मरकरी और सीसा त्वचा के छिद्रों से खून में मिलकर धीरे-धीरे किडनी और लिवर को नुकसान पहुंचा सकते हैं।

कैंसर का खतरा

सस्ते रंगों में इस्तेमाल होने वाले बेंजीन और अन्य कार्सिनोजेनिक तत्व लंबे समय में कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का जोखिम बढ़ा देते हैं।

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