अमेरिका-इजरायल और ईरान जंग पर RSS की आई पहली प्रतिक्रिया! CR मुकुंद ने कहा-भारत सरकार को क्या करना चाहिए, ये....
नई दिल्ली। हरियाणा के समालखा में आज से 3 दिन तक चलने वाली संघ की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक शुरू हुई। संघ की गतिविधियों के संबंध में समालखा में आयोजित एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह CR मुकुंद ने कहा कि इस अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक का इस वर्ष महत्व ज्यादा है। ऐसा इसलिए है क्योंकि संघ शताब्दी वर्ष मना रहा है। इस अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक में 1400 से ज्यादा प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे।
यह क्राइसिस जल्द से जल्द खत्म होना चाहिए
दरअसल, अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध के संबंध में बोलते हुए संघ के सह सरकार्यवाह मुकुंद ने कहा कि भारत सरकार को क्या करना चाहिए, ये भारत सरकार तय करती है। देश के प्रधानमंत्री, देश के विदेश मंत्री बाहर के सभी देशों से प्रमुखों से बातचीत कर रहे हैं। यह क्राइसिस जल्द से जल्द खत्म होना चाहिए, समझौता होना चाहिए। कल भी देश के प्रधानमंत्री ने ईरान के प्रमुख से बातचीत की है। वहां पर रहने वाले सभी हिंदू संगठनों से संघ का संपर्क जारी है।
संघ में संगठनात्मक बदलाव का चिंतन चल रहा है
सह सरकार्यवाह CR मुकुंद ने बताया है कि संघ में संगठनात्मक बदलाव का चिंतन चल रहा है, जो होगा बताया जाएगा। संघ भौगोलिक रचना के संबंध में सोच रहा है, इस बार भी ऐसा संघ कर रहा है। संगठनात्मक आवश्यकता देखते हुए हम लोग बदलाव करते हैं और इस बार भी हम कर रहे हैं। यूजीसी के संबंध में पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए CR मुकुंद ने कहा कि संघ का जन्म हुआ, हिंदू समाज के संगठन के लिए, हिंदू समाज में जो भी भेदभाव है उसको दूर करने के लिए। जो भी कुछ असंतुलन हुआ है, कोर्ट ने संज्ञान लिया है, सरकार भी प्रयास करेगी।
संघ की शाखाओं के आंकड़े में हुई वृद्धि
बैठक में जानकारी दी गई है कि संघ की शाखाओं के आंकड़े में काफी ज्यादा वृद्धि हुई है। कुल शाखाओं कि वृद्धि 5000 हुई है। संघ हर घर, हर गांव में संपर्क करने का प्रयास कर रहा है। अब तक संघ 10 करोड़ परिवार तक पहुंच चुका है। 300000 से ज्यादा गांव तक पहुंच चुका है। संघ गृह संपर्क के दौरान केरल राज्य में कम्युनिस्ट विचारधारा के साथ-साथ मुस्लिम, क्रिश्चियन सभी घरों में जा रहा है। 55000 के आसपास मुस्लिम घरों में, 54000 क्रिश्चियन घरों में संघ के स्वयंसेवक गये, हर जगह उनका स्वागत हुआ।