ईरान में जारी जंग पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ईरानी विदेश मंत्री से की बात! इन मुद्दों पर हुई चर्चा

इस बातचीत के बाद एक सकारात्मक विकास यह हुआ कि ईरान ने दो भारतीय ध्वज वाले तेल टैंकरों को होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित निकलने की अनुमति दे दी।

Update: 2026-03-13 08:19 GMT

नई दिल्ली। खाड़ी देशों में जारी जंग पर भारत सरकार लगातार नजर बनाए हुए है। युद्ध के बीच पीएम मोदी ने कई देशों के सुप्रीम लीडर से बात की है। इस बीच विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची से आज टेलीफोन पर बात की है। इस दौरान दोनों नेताओं ने कई मुद्दों पर बात की है। वहीं ईरान ने अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए हमलों की जानकारी साझा की और भारत से अपना पक्ष रखा।

नागरिक ठिकानों पर हमलों का विशेष रूप से उल्लेख

अराघची ने पिछले 11-14 दिनों के दौरान अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए "सैन्य आक्रमण" की जानकारी दी। इसमें मीनाब (Minab) में एक लड़कियों के प्राथमिक स्कूल पर मिसाइल हमले और नागरिक ठिकानों पर हमलों का विशेष रूप से उल्लेख किया गया।

अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन

ईरानी विदेश मंत्री ने इन हमलों को संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून के बुनियादी सिद्धांतों का उल्लंघन बताया। उन्होंने कहा कि वैश्विक समुदाय और सभी सरकारों की जिम्मेदारी है कि वे इस "आक्रामकता" की निंदा करें। दोनों नेताओं ने फारस की खाड़ी में जहाजों की आवाजाही और सुरक्षा पर चर्चा की। ईरान ने क्षेत्र में अस्थिरता के लिए अमेरिका की "अस्थिर करने वाली कार्रवाइयों" को जिम्मेदार ठहराया।

स्थिरता बहाल करने के लिए निरंतर परामर्श पर दिया जोर

इस बातचीत के बाद एक सकारात्मक विकास यह हुआ कि ईरान ने दो भारतीय ध्वज वाले तेल टैंकरों को होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित निकलने की अनुमति दे दी। जयशंकर ने क्षेत्र में स्थिरता बहाल करने के लिए निरंतर परामर्श और बातचीत पर जोर दिया। भारत ने अपनी ऊर्जा सुरक्षा और वहां मौजूद करीब 9,000 भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी है।

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