यूपी सरकार ने पेश किया 10वां बजट! रोजगार के 10 लाख नए अवसर, जानें चुनावी बजट में सूबे को क्या-क्या मिला
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने आज विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ₹9,12,696 करोड़ का अब तक का सबसे बड़ा बजट पेश किया है। यह बजट पिछले वर्ष (₹8.08 लाख करोड़) की तुलना में काफी बड़ा है और इसमें "विकसित भारत" की तर्ज पर "विकसित उत्तर प्रदेश" के लक्ष्य पर जोर दिया गया है। वित्त मंत्री द्वारा किए गए प्रमुख ऐलान किए गए है।
बजट का आकार और आर्थिक स्थिति
₹9,12,696 करोड़, जो यूपी के इतिहास का सबसे बड़ा बजट है। राज्य की अर्थव्यवस्था को 1 ट्रिलियन डॉलर बनाने की दिशा में निवेश और रोजगार पर विशेष ध्यान दिया गया है। 2025-26 में राज्य की अर्थव्यवस्था ₹36 लाख करोड़ तक पहुंचने की उम्मीद है।
युवाओं और शिक्षा के लिए घोषणाएं
युवाओं को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने के लिए मुफ्त स्मार्टफोन और टैबलेट वितरण योजना को जारी रखा गया है। प्रदेश में 57 नए मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय खोलने की मंजूरी दी गई है। मेधावी छात्राओं के लिए 'रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना' के तहत बजट का प्रावधान किया गया है।
निवेश, इलेक्ट्रॉनिक्स और स्टार्टअप में यूपी की छलांग
बजट भाषण में बताया गया कि एसडीजी इंडिया इंडेक्स में उत्तर प्रदेश की रैंकिंग वर्ष 2018-19 के 29वें स्थान से सुधरकर वर्ष 2023-24 में 18वें स्थान पर पहुंच गई है। फरवरी 2024 में चौथे ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन किया गया, जिसमें अब तक लगभग 50 लाख करोड़ रुपये के एमओयू साइन हुए हैं, जिनसे करीब 10 लाख रोजगार सृजन की संभावना है। करीब 15 लाख करोड़ रुपये के निवेश से जुड़ी 16 हजार से अधिक परियोजनाओं के लिए चार ग्राउंड ब्रेकिंग समारोह हो चुके हैं। उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा मोबाइल फोन निर्माण केंद्र बन चुका है, जहां देश के कुल उत्पादन का 65 प्रतिशत हिस्सा तैयार होता है। देश की 55 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट इकाइयां प्रदेश में स्थित हैं और इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात 44,744 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है. स्टार्टअप रैंकिंग में भी उत्तर प्रदेश को ‘लीडर श्रेणी’ में स्थान मिला है।
10 लाख युवाओं को रोजगार का ऐलान
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा, यूपी में 10 लाख युवाओं को रोजगार देंगे. लड़कियों की शादी के लिए सरकार 1 लाख रुपये देगी. यूपी का इस बार का बजट का आकार 9 लाख 12 हजार 696 करोड़ रुपए का है. पिछले बजट की तुलना में 12 प्रतिशत बढ़ोत्तरी हुई है।
बेरोजगारी दर घटी, 50 लाख करोड़ के एमओयू
वित्त मंत्री ने खन्ना ने कहा, वर्ष 2025-2026 में प्रति व्यक्ति आय 1,20,000 रूपये होने का अनुमान है। प्रदेश में हम लगभग 06 करोड़ लोगों को बहुआयामी गरीबी से ऊपर उठाने में सफल हुए हैं। बेरोजगारी की दर 2.24 प्रतिशत रह गई है। अब तक लगभग 50 लाख करोड़ रुपए के एमओयू हस्ताक्षरित हो चुके हैं जिनसे लगभग 10 लाख रोजगार का सृजन सम्भावित है. अब तक लगभग 15 लाख करोड़ रुपए के निवेश की लगभग 16 हजार से ज्यादा परियोजनाओं के 4 ग्राउंड ब्रेकिंग समारोह संपन्न हो चुके हैं।
कृषि और ग्रामीण विकास
बजट का लगभग 11% हिस्सा कृषि और संबद्ध क्षेत्रों के लिए रखा गया है। निराश्रित गौवंश के रखरखाव और गौ संरक्षण केंद्रों के लिए ₹2000 करोड़ से अधिक की व्यवस्था की गई है। दुग्ध विकास को बढ़ावा देने के लिए विशेष बजट आवंटित किया गया है।
स्वास्थ्य और महिला कल्याण
कुल बजट का 6% स्वास्थ्य सेवाओं के सुधार के लिए आवंटित है। कामकाजी महिलाओं के लिए हॉस्टल और कन्या सुमंगला जैसी योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया गया है। वित्त मंत्री ने अपने भाषण में जोर दिया कि यह बजट 'सबका साथ, सबका विकास' के सिद्धांत पर आधारित है और इसमें किसानों, महिलाओं, युवाओं और वंचित वर्गों के सर्वांगीण विकास का रोडमैप तैयार किया गया है।
सरकार का फोकस इन-इन चीजों पर रहा
बता दें कि वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार का ध्यान औद्योगिक व्यवस्था को मजबूत करने, इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार, औद्योगिक निवेश आकर्षित करने, रोजगार सृजन, महिला सशक्तिकरण, युवाओं के कौशल विकास, किसानों की समृद्धि और गरीबी उन्मूलन पर केंद्रित है. उन्होंने कहा कि बजट का उद्देश्य विकास और सामाजिक संतुलन को साथ लेकर आगे बढ़ना है।