महान समाज सुधारक ज्योतिबा फुले की जयंती आज! समाज सुधार से महिला शिक्षा तक के लिए किया संघर्ष... जानें कहानी

Update: 2026-04-11 06:16 GMT

नई दिल्ली। भारतीय समाज में हमेशा ही महिलाओं का शोषण होता रहा है। लेकिन कुछ महान समाज सुधारकों ने महिलाओं को समाज में समान दर्जा दिलाया। आज महान समाज सुधारक और शिक्षा के अग्रदूत महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती मनाई जा रही है। ये दिन महिला सशक्तिकरण, समानता और शिक्षा के संघर्ष को समर्पित है। उन्होंने 1848 में पुणे में देश का पहला बालिका विद्यालय स्थापित कर स्त्री शिक्षा का मार्ग प्रशस्त किया। ज्योतिबा फुले ने सत्यशोधक समाज के माध्यम से जातिगत भेदभाव और छुआछूत के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ी।

महिला शिक्षा की शुरुआत की 

बता दें कि 1848 में, ज्योतिबा फुले ने अपनी पत्नी सावित्रीबाई फुले के साथ मिलकर पुणे में लड़कियों के लिए देश का पहला स्कूल खोला। उस दौर में महिलाओं को पढ़ाया नहीं जाता था। लेकिन उन्होंने विरोध की परवाह किए बिना अपनी पत्नी को शिक्षित किया और उन्हें देश की पहली महिला शिक्षिका बनाया।

बाल विवाह का विरोध, विधवा विवाह का समर्थन

ज्योतिबा फुले ने महिलाओं के लिए बुलंद आवाज उठाई। उस समय समाज में कम उम्र में ही लड़कियों की शादी कर दी जाती थी, जिसका फुले ने कड़ा विरोध किया। साथ ही  विधवाओं की दयनीय स्थिति को सुधारने के लिए उन्होंने विधवा पुनर्विवाह का समर्थन किया। उन्होंने विधवाओं को सम्मानपूर्ण जीवन देने के लिए आंदोलनों का नेतृत्व किया।

सत्यशोधक समाज की स्थापना

दलितों और पिछड़ों को सामाजिक न्याय और अधिकार दिलाने के लिए उन्होंने 24 सितंबर 1873 को 'सत्यशोधक समाज' नामक संस्था का गठन किया। यह संस्था जाति आधारित भेदभाव के खिलाफ और समानता के पक्ष में काम करती थी।

किसानों और वंचितों का उत्थान के आवाज उठाई

उन्होंने किसानों के अधिकारों के लिए आवाज उठाई और उनकी समस्याओं पर 'किसान का कोड़ा' (शेतकऱ्याचा आसूड) जैसी किताबें लिखीं。 उन्होंने अछूतों के लिए अपने घर के पानी का टैंक खोल दिया था, जो उस समय एक अत्यंत साहसी कदम था।

महात्मा की उपाधि हासिल की

ज्योतिबा ने दलितों और शोषित वर्ग को न्याय दिलाने के लिए 1873 में सत्यशोधक समाज की स्थापना की। उनकी समाजसेवा देखकर साल 1888 में मुंबई की एक विशाल सभा में उन्हें महात्मा की उपाधि दी गई। ज्योतिराव ने ही दलित शब्द का पहली बार प्रयोग किया था।



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