क्या है 'फिक्टे सेक्सुअलिटी'? युवाओं में बढ़ रहा इसका ट्रेंड, फिजिकल होने के लिए चाहिए काल्पनिक किरदार

Update: 2026-02-07 21:50 GMT

'फिक्टे सेक्सुअलिटी' (Fictosexuality) एक ऐसा उभरता हुआ ट्रेंड है जो आज के डिजिटल युग में मानवीय रिश्तों और यौन आकर्षण की बदलती परिभाषाओं को दर्शाता है। यह विषय जितना चौंकाने वाला लग सकता है, मनोवैज्ञानिक दृष्टि से उतना ही गहरा भी है।

क्या है 'फिक्टे सेक्सुअलिटी'?

फिक्टे सेक्सुअलिटी का अर्थ है काल्पनिक पात्रों (Fictional Characters) के प्रति तीव्र यौन या रोमांटिक आकर्षण महसूस करना। ये पात्र एनीमे (Anime), वीडियो गेम, कॉमिक्स या उपन्यासों से हो सकते हैं।

ऐसे व्यक्ति वास्तविक इंसानों के बजाय इन काल्पनिक पात्रों के साथ 'रिलेशनशिप' में रहना पसंद करते हैं।

जापान जैसे देशों में इसे 'अकीहबारा' संस्कृति का हिस्सा माना जाता है, जहां लोग होलोग्राम या एआई-संचालित पात्रों से 'शादी' तक कर रहे हैं।

युवाओं में इसके बढ़ने के मुख्य कारण

आज की पीढ़ी में इस ट्रेंड के बढ़ने के पीछे कई सामाजिक और तकनीकी कारण हैं।

जजमेंट का अभाव

वास्तविक रिश्तों में रिजेक्शन, अनबन और अपेक्षाओं का बोझ होता है। काल्पनिक पात्र कभी आपको जज नहीं करते और न ही आपको धोखा देते हैं।

परफेक्ट इमेज

फिक्शनल पात्रों को 'परफेक्ट' बनाया जाता है। उनकी लुक्स, बातें और व्यवहार हमेशा उपयोगकर्ता की पसंद के अनुसार होते हैं।

टेक्नोलॉजी का विकास

AI (Artificial Intelligence) और VR (Virtual Reality) ने इन पात्रों के साथ बातचीत करना इतना वास्तविक बना दिया है कि युवा अब इनसे भावनात्मक जुड़ाव महसूस करने लगे हैं।

सोशल एंग्जायटी

कई युवा सामाजिक मेलजोल में हिचकिचाहट महसूस करते हैं। उनके लिए स्क्रीन के पीछे का रिश्ता ज्यादा सुरक्षित और आसान होता है।

विशेषज्ञों की राय

मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि जब तक यह किसी व्यक्ति के दैनिक जीवन, काम या मानसिक स्वास्थ्य में बाधा नहीं डालता, तब तक इसे एक 'निजी पसंद' या 'फैंटेसी' के रूप में देखा जा सकता है। हालांकि, यदि कोई व्यक्ति पूरी तरह से वास्तविकता से कट जाए, तो यह डिप्रेशन या सोशल विड्रॉल का संकेत हो सकता है।

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