पति-पत्नी के बीच सोने के समय क्यों होते हैं झगड़े, जानें इसके पीछे क्या तनाव और नींद की कमी है वजह या कुछ और...
पति-पत्नी के बीच सोने के समय या बेड पर होने वाले झगड़ों के पीछे कई मनोवैज्ञानिक और व्यावहारिक कारण होते हैं। वहीं कुछ मान्यताओं के अनुसार बेडरूम में इलेक्ट्रॉनिक सामान या गलत दिशा में सिर करके सोने से भी तनाव बढ़ सकता है।
थकान और कम सहनशीलता
दिन भर की भागदौड़ के बाद रात तक दिमाग का वह हिस्सा (प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स) थक जाता है जो तर्क करने और भावनाओं को नियंत्रित करने में मदद करता है। इससे छोटी सी बात पर भी गुस्सा जल्दी आ जाता है।
भावनात्मक जुड़ाव की कमी
अगर पूरे दिन काम के चक्कर में एक-दूसरे के साथ "क्वालिटी टाइम" नहीं बिताया है, तो बेड पर जाने के बाद वह खालीपन बहस का रूप ले सकता है।
अनसुलझे मुद्दे
दिन भर की दबी हुई बातें या पुराने विवाद अक्सर सोने से पहले सामने आ जाते हैं, क्योंकि यही वह समय होता है जब दोनों शांत और अकेले होते हैं।
तनाव और नींद की कमी
नींद पूरी न होने से चिड़चिड़ापन बढ़ता है, जिससे मामूली असहमति भी बड़े झगड़े में बदल जाती है।
गैजेट्स का दखल
बेड पर मोबाइल या लैपटॉप का अधिक इस्तेमाल एक-दूसरे की अनदेखी का अहसास कराता है, जो नाराजगी का बड़ा कारण बनता है।
इसे सुधारने के लिए
सोने से कम से कम 30 मिनट पहले गैजेट्स का त्याग करें। कोशिश करें कि झगड़े को अगली सुबह के लिए टाल दें जब दिमाग फ्रेश हो। दिन में एक-दूसरे के लिए थोड़ा समय निकालें ताकि रात में भावनात्मक कमी महसूस न हो।