एनसीआरटीसी ने मेरठ में दिव्यांगजनों के लिए आयोजित किया सहायक उपकरण वितरण कार्यक्रम

एनसीआरटीसी नमो भारत स्टेशनों और ट्रेन सेवाओं को सभी के लिए समावेशी, सुरक्षित और सुलभ बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

Update: 2026-01-13 13:30 GMT


मेरठ दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर के आसपास रहने वाले दिव्यांगजनों की पहुंच और स्वतंत्रता को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एनसीआरटीसी ने अपने सहायक उपकरण वितरण कार्यक्रमों की श्रृंखला में आज यानी मंगलवार, 13 जनवरी 2026 को मेरठ में एक और कार्यक्रम का सफल आयोजन किया। इसका आयोजन एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी) के सहयोग से जापान फंड फॉर प्रॉस्परस एंड रेजिलिएंट एशिया एंड द पैसिफिक (जेएफपीआर) के अंतर्गत किया गया।

एडीबी के वरिष्ठ अधिकारियों ने 135 दिव्यांग लाभार्थियों को मोटराइज्ड ट्राई-साइकिल वाहन प्रदान किए

डीएन पॉलिटेक्निक, मेरठ में आयोजित इस कार्यक्रम में एनसीआरटीसी और एडीबी के वरिष्ठ अधिकारियों ने 135 दिव्यांग लाभार्थियों को मोटराइज्ड ट्राई-साइकिल वाहन प्रदान किए। इस कार्यक्रम का उद्देश्य सहायक उपकरणों के वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में एक सार्थक प्रयास है। यह उपकरण लाभार्थियों को दैनिक गतिविधियों, कार्यस्थलों और समाज में अपनी सहभागिता को बढ़ाने में सहायता करेंगे। बेहतर आवागमन की उपलब्धता उन्हें रोजगार और आजीविका के उन अवसरों तक पहुंचने में सहायता प्रदान करेगी, जो अबतक सुलभ नहीं थे। इनके माध्यम से उनके जीवन में गतिशीलता को बढ़ावा मिलेगा और वे सामाजिक एवं आर्थिक तौर पर सशक्त बनेंगे जो उन्हें आत्मविश्वास के साथ जीने की प्रेरणा देगा।

दिव्यांगजनों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए प्रयासरत

एनसीआरटीसी नमो भारत स्टेशनों और ट्रेन सेवाओं को सभी के लिए समावेशी, सुरक्षित और सुलभ बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। यह कार्यक्रम दिव्यांगजनों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने और समाज में समान भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

एनसीआरटीसी की सामाजिक कल्याण में भूमिका अहम

एनसीआरटीसी, जेएफपीआर के अंतर्गत सामाजिक कल्याण के लिए इस प्रकार के कई कार्यक्रम निरंतर आयोजित करता रहता है। इनमें दिव्यांगजनों को व्हीलचेयर, स्मार्ट केन, बैसाखी, श्रवण यंत्र एवं उद्यमिता उपकरणों का वितरण शामिल है। इसके अतिरिक्त आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं के लिए स्वरोजगार को बढ़ावा देने हेतु सिलाई मशीनें भी प्रदान की गई हैं। इसके अलावा, समय-समय पर महिलाओं के लिए आत्मरक्षा प्रशिक्षण, कौशल विकास कार्यक्रम, तथा ई-रिक्शा और टैक्सी ड्राइवर प्रशिक्षण जैसी कई पहल भी की जाती रही हैं।

एनसीआरटीसी भविष्य में भी दिल्ली–गाजियाबाद–मेरठ नमो भारत कॉरिडोर के आस-पास के क्षेत्रों में इस प्रकार के सहायक उपकरण वितरण और स्वरोजगार को प्रोत्साहित करने के कार्यक्रमों को आयोजित करता रहेगा।

Tags:    

Similar News