3 लाख के नकली पर 1 लाख असली... गुजरात के योग आश्रम में चलता था नकली नोट छापने का काला बाजार...
अधिकारियों ने कहा कि आरोपी एआई आधारित प्लेटफॉर्म जैसे चैटजीपीटी और चीन से मंगाए गए सिक्योरिटी थ्रेड पेपर का इस्तेमाल कर उच्च गुणवत्ता वाले 500 रुपये के नकली नोट तैयार कर रहे थे
अहमदाबाद। गुजरात के अहमदाबाद में नकली नोटों के एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। इस कड़ी में सूरत के सत्यम योगाश्रम से जुड़े प्रदीप जोटांगिया नाम के कथित गुरु समेत कुल 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। जानकारी के मुताबिक, अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने इन आरोपियों के पास से 2 करोड़ रुपये से अधिक नकली नोट बरामद किए हैं। अधिकारियों ने कहा कि आरोपी एआई आधारित प्लेटफॉर्म जैसे चैटजीपीटी और चीन से मंगाए गए सिक्योरिटी थ्रेड पेपर का इस्तेमाल कर उच्च गुणवत्ता वाले 500 रुपये के नकली नोट तैयार कर रहे थे।
पुलिस ने दी जानकारी
पुलिस ने जानकारी दी कि आरोपी प्रदीप जोटांगिया की चाहत सूरत के आश्रम को बड़ा बनाना था। जिसके लिए उसे भारी रकम की जरूरत थी। पिछले करीब एक साल से वह आश्रम के लिए फंड जुटाने की कोशिश कर रहा था। इसके लिए उसने सेवा कार्यों से जुड़े पैम्फलेट छपवाए और लोगों से चंदा मांगने के लिए विज्ञापन भी दिए, लेकिन इन कोशिशों के बावजूद पैसे इकट्ठा हो पा रहे थे। आरोपियों की ओर से ऐसा दावा किया जाता था कि आश्रम में योग सिखाया जाता है, इस मामले में आश्रम के बाहर एक बोर्ड भी लगाया गया था।
चीन से मंगाए थे पेपर
आर्थिक तंगी से जुझते हुए प्रदीप और उसके अनुयायियों ने मिलकर एक प्लान बनाया और नकली नोट छापने की योजना बनाई। इसके बाद मुकुल नाम का एक आरोपी नकली नोट छापने का काम करने लगा। उसने चीन से ऐसे विशेष कागज मंगवाए थे, जो असली नोटों जैसे दिखाई देते थे। इसके बाद उन्हीं कागजों पर प्रिंटिंग कर नकली करेंसी तैयार की जाती थी।
33 प्रतिशत की दर से बेचने की हुई थी डील
जानकारी के अनुसार, इन नकली नोटों को अहमदाबाद के एक व्यक्ति को 33 प्रतिशत की दर से बेचने की डील तय हुई थी। यानी 3 लाख रुपये की नकली करेंसी के बदले 1 लाख रुपये असली लिए जाते हैं। यह उनकी पहली बड़ी डील थी, हालांकि इससे पहले ये लोग करीब 28 लाख रुपये की नकली करेंसी बाजार में दे चुके थे।
आरोपी सूरत से अहमदाबाद पहुंचे थे
वहीं, इस बार 2 करोड़ रुपये से अधिक की नकली करेंसी का सौदा करने के लिए आरोपी सूरत से अहमदाबाद पहुंचे थे। लेकिन सौदा पूरा होने से पहले ही क्राइम ब्रांच को इसकी सूचना मिल गई और टीम ने छापा मारकर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए अन्य आरोपी प्रदीप के अनुयायी बताए जा रहे हैं, जो उसके निर्देशों पर पूरा नेटवर्क संचालित कर रहे थे।