7 साल बाद भारत आ रहे 6 लाख बैरल ईरानी तेल के टैंकर ने अचानक इस देश की तरफ रास्ता मोड़ा...

'पिंग शुन' नाम के जहाज ने बीच संमदर से अपना रास्ता बदल लिया है। तेल बाजार पर नजर रखने वाली एजेंसी केप्लर ने इस बात की जानकारी दी

By :  Aryan
Update: 2026-04-03 09:00 GMT

नई दिल्ली। ईरान से करीब 600,000 बैरल कच्चे तेल की खेप लेकर आ रहे जहाज ने अचानक अपना रास्ता चीन की ओर कर लिया है। जानकारी के अनुसार, कल रात तक अरब सागर में भारत के रास्ते में था लेकिन अब ये चीन की तरफ मुड़ गया है। इस जहाज का नाम 'पिंग शुन' है, पहले इसे गुजरात के वाडिनार बंदरगाह पहुंचना था। तेल बाजार पर नजर रखने वाली एजेंसी केप्लर ने इस कच्चे तेल के जहाज के भारत से चीन की तरफ रास्ता बदलने की पुष्टि की है। अगर यह ईरानी जहाज तेल लेकर भारत पहुंचता तो लगभग सात साल बाद यह पहला ऐसा शिपमेंट होता।

शिप ट्रैकिंग फर्म ने दी जानकारी

शिप ट्रैकिंग फर्म केप्लर पिंग शुन जहाज 2002 में बना था। इसे 2025 में अमेरिका द्वारा प्रतिबंधित किया गया। पहले यह भारत की तरफ बढ़ रहा था। मगर लेटेस्ट अपडेट यह है कि बीच समंदर से इसने अपनी दिशा बदल ली है और फिलहाल चीन के डोंगयिंग की ओर जा रहा है। इस हफ्ते की शुरुआत में इस ईरानी जहाज ने भारत के पश्चिमी तट पर स्थित वडीनार पहुंचने का संकेत दिया था, लेकिन अब यह दक्षिण की ओर मुड़ गया है। हालांकि, ऐसे गंतव्य संकेत अंतिम नहीं होते और कभी भी बदलाव भी आ सकता है।

पेमेंट की शर्तों में आया बदलाव बना कारण

सुमित रितोलिया ने जानकारी देते हुए कहा कि चीन की तरफ जहाज के मुड़ने के पीछे ईरानी तेल को लेकर पेमेंट की शर्तों में आया बदलाव है। अब विक्रेता 30-60 दिनों की क्रेडिट विंडो देने के बजाय पहले से ही पेमेंट की मांग कर रहे हैं। यानि एडवांस पेमेंट के बाद ही तेल का खेप भेजने की बात हो रही है। ऐसा केवल ईरान युद्ध को लेकर पनपे हालात की वजह से हो रहा है।

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