एक ऐसा मंदिर जहां रात के समय अपने आप बजती हैं घंटियां, जानें क्या है इसके पीछे का रहस्य

Update: 2026-03-18 02:30 GMT

भोपाल। मध्य प्रदेश के सतना जिले में स्थित मैहर माता मंदिर (शारदा देवी मंदिर) अपने रहस्यों और चमत्कारिक मान्यताओं के लिए प्रसिद्ध है। इस मंदिर का सबसे बड़ा रहस्य रात के समय बंद कपाटों के पीछे होने वाली पूजा और घंटियों का बजना है।

रात में घंटियां बजने और पूजा का रहस्य

स्थानीय मान्यताओं और पुजारियों के अनुसार, रात के समय जब मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाते हैं, तब मंदिर के भीतर से घंटियों और वाद्य यंत्रों की आवाजें सुनाई देती हैं। माना जाता है कि वीर योद्धा आल्हा, जिन्हें माँ शारदा से अमरता का वरदान प्राप्त है, आज भी हर रात माँ की सबसे पहली पूजा करने आते हैं।

सुबह के साक्ष्य

जब सुबह मंदिर के पट खोले जाते हैं, तो गर्भगृह में माता की मूर्ति पर ताजे फूल चढ़े हुए और जल का पात्र भरा हुआ मिलता है, जबकि रात में मंदिर पूरी तरह से खाली और बंद रहता है।

नाम का अर्थ

'मैहर' का अर्थ है 'मां का हार'। पौराणिक कथा के अनुसार, जब भगवान शिव माता सती के पार्थिव शरीर को ले जा रहे थे, तब उनका हार इसी त्रिकूट पर्वत पर गिरा था।  यह मंदिर भारत के 51 शक्तिपीठों में से एक माना जाता है। यह मंदिर त्रिकूट पर्वत पर करीब 600 फीट की ऊंचाई पर स्थित है, जहां पहुंचने के लिए भक्तों को 1063 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं या रोपवे का उपयोग करना होता है। मंदिर के पास ही पहाड़ों के नीचे आल्हा का तालाब और वह अखाड़ा आज भी मौजूद है, जहां आल्हा और ऊदल कुश्ती का अभ्यास किया करते थे।

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