यूपी में आधार कार्ड को नहीं माना जाएगा जन्म का प्रमाणपत्र, विभाग ने जारी किया आदेश
नई दिल्ली। नियोजन विभाग ने आधार कार्ड को लेकर नया अपडेट जारी किया है। बता दें कि उत्तर प्रदेश में अब आधार कार्ड को जन्म प्रमाणपत्र या जन्मतिथि के प्रमाण के तौर पर माना नहीं जाएगा। सभी विभागों को यह निर्देश दिया गया है। नियोजन विभाग के निर्देश में बताया गया है कि आधार कार्ड के साथ कोई जन्म प्रमाणपत्र अटैच नहीं होता है, इसलिए इसे जन्म प्रमाणपत्र नहीं मान सकते।
क्या है नया निर्देश ?
जानकारी के मुताबिक आधार कार्ड जन्म तिथि का अनुमन्य प्रमाण नहीं है। राज्य सरकार के तमाम विभागों की तरफ से अभी भी आधार कार्ड को जन्म तिथि के प्रमाण के तौर पर स्वीकार किया जा रहा है। इसलिए में राज्य सरकार के सभी विभागों को इस संबंध में अवगत कराया जा रहा है। सभी विभागों से अनुरोध है कि आधार कार्ड को जन्म तिथि के प्रमाण के रूप में स्वीकार ना करें।
2 करोड़ से अधिक आधार कार्ड नंबर डिएक्टिवेट
बता दें कि इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय की ओर से दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने आधार डेटाबेस की निरंतर सटीकता बनाए रखने के लिए राष्ट्रव्यापी सफाई अभियान के तहत 2 करोड़ से अधिक मृत व्यक्तियों के आधार कार्ड नंबरों को डिएक्टिवेट कर दिया है। मंत्रालय ने अपने बयान में कहा है कि किसी भी व्यक्ति को पहले असाइन किया गया आधार नंबर दूसरे व्यक्ति को रि-असाइन नहीं किया जाता है।