अजित पवार के प्लेन की को -पायलट जांबाज बेटी शाम्भवी पाठक Learjet 45 के हादसे का हुई शिकार, जानें उनके फ्लांइग करियर के बारे में...
एक पायलट को सिर्फ उड़ान भरना ही नहीं होता उन्हें सुरक्षा नियमों की समझ भी होनी चाहिए।
मुंबई। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार की पुणे के बारामती में लैंडिंग की कोशिश के दौरान विमान के अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त होने से जान गई है। अजीत पवार के साथ उनके पीएसओ, पायलट और चालक दल के सदस्यों सहित पांच अन्य लोगों की भी मौत हो गई है। पायलटों में से एक कैप्टन शांभवी पाठक थीं। आइए जानते हैं शांभवी पाठक के बारे में...
कैप्टन शांभवी पाठक की शिक्षा
जानकारी के अनुसार, कैप्टन शांभवी पाठक की शुरुआती पढ़ाई भारत में ही हुई। उन्होंने मुंबई यूनिवर्सिटी से एयरोनॉटिक्स और एविएशन साइंस में बीएससी की शिक्षा ली। इसके बाद पायलट बनने के लिए शांभवी पाठक न्यूजीलैंड गईं। उन्होंने न्यूजीलैंड इंटरनेशनल कमर्शियल पायलट अकादमी से कमर्शियल पायलट की ट्रेनिंग ली। उन्हें न्यूजीलैंड सिविल एविएशन अथॉरिटी का कमर्शियल पायलट लाइसेंस प्राप्त हुआ।
डीजीसीए से कमर्शियल पायलट लाइसेंस मिला
विदेश से ट्रेनिंग लेने के बाद शांभवी भारत लौटकर आई और यहां आकर डीजीसीए से कमर्शियल पायलट लाइसेंस हासिल किया। उन्होंने ‘फ्रोजन एटीपीएल’ भी पूरा किया, जिसे एयरलाइन पायलट बनने की दिशा में एक ठोस कदम माना जाता है। इसके साथ ही वो दूसरों को उड़ान की ट्रेनिंग भी देती थीं। शांभवी पाठक ने असिस्टेंट फ्लाइट इंस्ट्रक्टर के तौर पर भी काम किया था।
स्पाइसजेट से ली थी एविएशन सिक्योरिटी की ट्रेनिंग
एक पायलट को सिर्फ उड़ान भरना ही नहीं होता उन्हें सुरक्षा नियमों की समझ भी होनी चाहिए। शांभवी ने एविएशन सिक्योरिटी यानी AVSEC की ट्रेनिंग स्पाइसजेट से ली थी।
हाई-परफॉर्मेंस बिजनेस जेट को संभालती थी
शांभवी पाठक अगस्त 2022 से वीएसआर वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड में फुल-टाइम फर्स्ट ऑफिसर के रूप में काम कर रही थीं। वह लियरजेट-45 जैसे हाई-परफॉर्मेंस बिजनेस जेट को उड़ाने की जिम्मेदारी संभालती थीं।
4 लाख रुपये तक मिलती थी सैलरी
बता दें कि एविएशन सेक्टर में बिजनेस जेट के फर्स्ट ऑफिसर की सैलरी अनुभव और कंपनी पर आधारित होती है। सामान्यतया Learjet जैसे जेट पर काम करने वाले फर्स्ट ऑफिसर को हर महीने लगभग 3 से 4 लाख रुपये तक सैलरी मिलती है।