Budget Session: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के भाषण के बाद बजट सत्र शुरू! इन मुद्दों पर चर्चा की तैयारी में विपक्ष
नई दिल्ली। संसद का बजट सत्र आज से शुरू हो रहा है। इसकी शुरुआत राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के भाषण हुआ है। 1 फरवरी को देश का केंद्रीय बजट पेश किया जाएगा। उससे पहले बजट सत्र शुरू होने से पहले हुई सर्वदलीय बैठक में विपक्ष ने 'विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम' और मतदाता सूची की जांच जैसे मुद्दों पर बहस की मांग रखी, लेकिन सरकार ने इन मांगों को फिलहाल स्वीकार नहीं किया है।
मैं सभी पार्लियामेंटेरियन को बधाई देती हूं
बता दें कि बजट सेशन शुरू होने से पहले प्रेसिडेंट द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि मुझे पार्लियामेंट के इस सेशन को एड्रेस करते हुए बहुत खुशी हो रही है। पिछला साल भारत की तेजी से तरक्की और विरासत के त्योहार के तौर पर यादगार था। पूरे देश में वंदे मातरम के 150 साल पूरे हो रहे हैं। इस महान प्रेरणा के लिए देश के लोग बंकिम चंद्र चटर्जी को नमन कर रहे हैं। मैं सभी पार्लियामेंटेरियन को बधाई देती हूं कि इसके लिए पार्लियामेंट में खास चर्चा हुई।
देश ने श्री गुरु तेग बहादुर जी का 350वां शहीदी दिवस मनाया
वहीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि देश ने श्री गुरु तेग बहादुर जी का 350वां शहीदी दिवस मनाया। बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर पूरे देश ने उन्हें श्रद्धांजलि दी और आदिवासी समुदाय के लिए उनके योगदान को याद किया। सरदार पटेल की 150वीं जयंती से जुड़े कार्यक्रमों ने एक भारत श्रेष्ठ भारत की भावना को और मजबूत किया। पूरा देश इस बात का गवाह बना कि कैसे भारत रत्न भूपेन हजारिका की जयंती के जश्न ने देश को संगीत और एकता की भावना से भर दिया। जब देश अपने पूर्वजों के योगदान को याद करता है, तो नई पीढ़ी को प्रेरणा मिलती है जो विकसित भारत की ओर हमारे सफर को और तेज करती है।
वंदे भारत स्लीपर की शुरूआत बड़ी उपलब्धि है
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देश में हुई तरक्की की सराहना की। उन्होंने कहा कि आइजोल को रेल मार्ग से जोड़ा गया है। जम्मू कश्मीर में देश का सबसे ऊंचा ब्रिज बनाया गया है. जम्मू कश्मीर से करेल तक 150 से ज्यादा वंदे भारत का नेटवर्क खड़ा हो चुका है। वंदे भारत स्लीपर की शुरूआत बड़ी उपलब्धि है।
कब तक चलेगा यह बजट सेशन?
यह सत्र 65 दिनों में 30 बैठकों तक चलेगा, 2 अप्रैल को खत्म होगा। दोनों सदन 13 फरवरी को छुट्टी के लिए स्थगित हो जाएंगे और 9 मार्च को फिर से मिलेंगे, ताकि स्टैंडिंग कमेटियां अलग-अलग मंत्रालयों और विभागों की ग्रांट की मांगों की जांच कर सकें।