क्या गर्मियों में भी पी सकते हैं काढ़ा? जानें इसके फायदे और नुकसान
नई दिल्ली। सर्दियों में अक्सर हर कोई सर्दी, जुखाम, खांसी के चलते काढ़ा पीता है। लेकिन अब सवाल ये उठता है कि क्या यह गर्मियों में भी पिया जा सकता है। इसका जवाब है हां। गर्मियों में भी काढ़ा पी सकते हैं, लेकिन इसकी मात्रा और बनाने के तरीके में बदलाव करना बहुत जरूरी है। चूंकि काढ़े में इस्तेमाल होने वाली चीज़ें (जैसे अदरक, काली मिर्च, दालचीनी) तासीर में गर्म होती हैं, इसलिए गर्मी के मौसम में इनका अंधाधुंध सेवन नुकसानदेह हो सकता है।
कितना पीना सुरक्षित है?
गर्मियों में काढ़े का सेवन कम मात्रा में करना चाहिए, जैसे कि लगभग आधा कप, ताकि शरीर में अत्यधिक गर्मी न बढ़े। इसे दिन में एक बार लेना, वह भी आवश्यकतानुसार, सुरक्षित माना जा सकता है। इसे सुबह खाली पेट या शाम को लेना उपयुक्त माना जाता है, और इसे गुनगुने या कमरे के तापमान पर पीना चाहिए।
गर्मियों के लिए विशेष टिप्स
गर्म तासीर के दुष्प्रभावों से बचने के लिए काढ़ा बनाते समय इन बातों का ध्यान रखें:
सामग्री में बदलाव: काली मिर्च, सोंठ (सूखा अदरक) और दालचीनी जैसे गर्म मसालों का उपयोग बहुत कम करें।
ठंडी तासीर वाली चीज़ें: काढ़े के प्रभाव को संतुलित करने के लिए मुलेठी, सौंफ, इलायची, जीरा या धनिया का उपयोग करें।
हाइड्रेशन: शरीर को ठंडा रखने के लिए पर्याप्त पानी पीते रहें।
सावधानी
जरूरत से ज्यादा काढ़ा पीने से गर्मियों में ये समस्याएं हो सकती हैं।
पेट की समस्याएं: मसालों की गर्मी से सीने में जलन, एसिडिटी और अपच हो सकती है।
शारीरिक गर्मी: अत्यधिक गर्मी के कारण नाक से खून आना, मुँह में छाले या पेशाब में जलन हो सकती है।