,सैलरी स्ट्रकचर में बदलाव, टोल-टैक्स-... 1 अप्रैल से बदल रहे हैं इतने नियम...
1 अप्रैल 2026 से नया आयकर अधिनियम 2025 और लेबर कोड लागू हो रहे हैं
नई दिल्ली। 1 अप्रैल 2026 से नया आयकर अधिनियम 2025 और लेबर कोड लागू हो रहे हैं, जिससे सैलरी स्ट्रक्चर बदल जाएगा। बेसिक सैलरी 50% होने से PF-ग्रेच्युटी बढ़ेगी, हाथ में आने वाली सैलरी (Take-home) कम हो सकती है। HRA में 8 शहरों में 50% छूट मिलेगी, क्रेडिट कार्ड खर्च पर सख्त नजर होगी और 12.75 लाख तक आय टैक्स-फ्री (न्यू रिजीम) होगी।
1 अप्रैल से प्रमुख बदलाव (New Rules from 1st April):
सैलरी स्ट्रकचर में बदलाव
लेबर कोड के तहत बेसिक सैलरी कुल CTC का 50% होना अनिवार्य होगा। अगर अभी बेसिक 50% से कम है, तो PF योगदान बढ़ने के कारण इन-हैंड सैलरी कम हो सकती है।
मकान किराया भत्ता
नई कर व्यवस्था में अब बेंगलुरु, पुणे, हैदराबाद और अहमदाबाद को भी मेट्रो शहरों की तरह 50% HRA छूट मिलेगी।
टैक्स में छूट
नया आयकर अधिनियम 2025 लागू हो रहा है, जिसमें फॉर्म 16 खत्म हो सकता है। हालांकि, 12.75 लाख रुपये तक की सालाना आय पर कोई टैक्स नहीं लगेगा (75,000 स्टैंडर्ड डिडक्शन के साथ)।
क्रेडिट कार्ड पर रहेगी नजर
यदि आप साल में 1 लाख से अधिक का क्रेडिट कार्ड बिल या बड़ा कैश पेमेंट करते हैं, तो यह सीधे आयकर विभाग की नजर में आएगा।
अन्य भत्ते
बच्चों के शिक्षा भत्ते में वृद्धि (3,000 रुपये प्रति माह) और हॉस्टल अलाउंस (9,००० रुपये प्रति माह) में बढ़ोतरी की संभावना है।
रिटायरमेंट और ग्रेच्युटी
बेसिक सैलरी बढ़ने से PF और ग्रेच्युटी कंट्रीब्यूशन बढ़ेगा, जिससे रिटायरमेंट पर ज्यादा फंड मिलेगा।
पैन कार्ड से जुड़े नियम
1 अप्रैल 2026 से होने वाले बड़े बदलावों में पैन कार्ड से जुड़ा चेंज भी शामिल है। अभी तक पैन कार्ड बनवाने के लिए आधार पर्याप्त था लेकिन 1 अप्रैल से लागू होने जा रहे नए नियमों के तहत पैन बनवाने या उसमें सुधार करने के लिए एक्स्ट्रा डाक्यूमेंट्स देना जरूरी होगा।