ट्रेन के देरी होने पर मिलता है मुआवजा, ये है भारत की सबसे अधिक रफ्तार वाली ट्रेन...
भारत की पहली कॉर्पोरेट शैली की यात्री की खास ट्रेन मानी जाती है, जिसका संचालन IRCTC करती है।
नई दिल्ली। भारत में तेज रफ्तार ट्रेनों का नाम आने पर सबसे पहले लोगों के मन में वंदे भारत, राजधानी अथवा शताब्दी का नाम सामने आता है। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि ऑपरेशनल स्पीड के लिहाज से देश की सबसे तेज ट्रेन तेजस एक्सप्रेस है। यह भारत की पहली कॉर्पोरेट शैली की यात्री की खास ट्रेन मानी जाती है। बता दें कि इसका संचालन IRCTC करती है।
प्रीमियम सेवा के लिए लोकप्रिय
इस ट्रेन की शुरुआत 2019 में नई दिल्ली-लखनऊ रूट पर हुई। इसके बाद 2020 में अहमदाबाद- मुंबई मार्ग पर दूसरी सेवा शुरू की गई। यात्रियों को हवाई यात्रा जैसा अनुभव देने की वजह से यह ट्रेन प्रीमियम सेगमेंट में लोकप्रिय हो गई है। तकनीकी रूप से तेजस एक्सप्रेस 200 किमी प्रतिघंटा की स्पीड से चलने में सक्षम है। यह भारत की पारंपरिक श्रेणी की ट्रेनों में सबसे अधिक डिजाइन स्पीड वाली ट्रेन है। हालांकि मौजूदा ट्रैक की सीमाओं के कारण यह भी 160 किमी प्रतिघंटा तक ही संचालित होती है, जिसका स्पीड वंदे भारत के बराबर है।
भारत में अन्य हाई स्पीड चलने वाली ट्रेनें
भारत में कई ट्रेनें हाई स्पीड के लिए डिज़ाइन की गई हैं, लेकिन ट्रैक और सिग्नलिंग की सीमाओं की वजह से अपनी अधिकतम डिज़ाइन स्पीड पर नियमित रूप से नहीं चल पाती है। जैसे वंदे भारत एक्सप्रेस की डिज़ाइन स्पीड 180 किमी प्रति घंटा है, जबकि परिचालन स्पीड 160 किमी प्रतिघंटा रहती है। गतिमान एक्सप्रेस 160 किमी प्रतिघंटा की डिज़ाइन और परिचालन दोनों स्पीड रखती है। राजधानी एक्सप्रेस की डिज़ाइन स्पीड 130140 किमी प्रतिघंटा और परिचालन स्पीड लगभग 130 किमी प्रतिघंटा है, जबकि शताब्दी एक्सप्रेस 150 किमी प्रतिघंटा डिजाइन और 130 किमी प्रतिघंटा परिचालन स्पीड पर संचालित होती है।
फ्लाईट जैसी सुविधा
तेजस एक्सप्रेस की खासियत केवल स्पीड नहीं, बल्कि प्रीमियम सुविधाएं भी हैं। यात्रियों को स्वागत पेय, ऑनलाइन भोजन चयन, समाचार पत्र, हर सीट पर एलईडी स्क्रीन, वाई-फाई और चार्जिंग पॉइंट जैसी सुविधाएं मिलती हैं। ट्रेन देरी होने पर मुआवजा देने वाली यात्रा बीमा योजना भी प्रदान करती है, जो भारतीय रेलवे में अनूठी पहल मानी जाती है।