8वें वेतन आयोग पर ड्राफ्टिंग कमेटी की बैठक शुरू, 54000 न्यूनतम वेतन का प्रस्ताव, इतने प्रतिशत की हुई वृद्धि

जेसीएम की ड्राफ्टिंग कमेटी करीब एक सप्ताह तक विभिन्न कर्मचारी संगठनों से सुझाव जुटाकर व्यापक विचार-विमर्श करेगी

Update: 2026-02-25 11:41 GMT

नई दिल्ली। आठवें वेतन आयोग का एक करोड़ से अधिक सरकारी कर्मचारी और सेवानिवृत्त पेंशनधारी लंबे से इंतजार कर रहे हैं। इसी बीच कर्मचारियों की मांगों को अंतिम रूप देने के लिए National Council JCM की ड्राफ्ट कमेटी की बैठक नई दिल्ली में शुरू की गई है। यह कमेटी ज्वाइंट कंसल्टेटिव मशीनरी के तहत काम करती है। यह बैठक एक सप्ताह तक चलेगी। इस बैठक में लगभग 1.2 करोड़ कर्मचारियों और पेंशनधारियों की ओर से एक साझा ज्ञापन तैयार होगा।

वेतन आयोग की औपचारिक कार्यवाही में आई तेजी

जानकारी के मुताबिक, हाल ही में नई दिल्ली के जनपथ स्थित चंद्रलोक बिल्डिंग में आठवें वेतन आयोग को कार्यालय उपलब्ध कराया गया है, जिसे आयोग की औपचारिक कार्यवाही को गति मिलने का संकेत माना जा रहा है। इस वेतन आयोग की अध्यक्षता रंजना देसाई कर रही हैं। जेसीएम की ड्राफ्टिंग कमेटी करीब एक सप्ताह तक विभिन्न कर्मचारी संगठनों से सुझाव जुटाकर व्यापक विचार-विमर्श करेगी। इस कोशिश का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी खास मुद्दा छूटे नहीं और करीब 1.2 करोड़ कर्मचारियों और पेंशनधारियों की ओर से आयोग के समक्ष एक मजबूत प्रस्ताव रखा जा सके।

कर्मचारियों की खास मांगें

वेतन ढांचे को संतुलित बनाने के लिए कर्मचारी यूनियनों की ओर से कई बड़े बदलावों के प्रस्ताव पर ध्यान दिया जा रहा है। इस साझा ज्ञापन में शामिल की जा रही मुख्य मांगें ये शामिल हैं।

वेतन वृद्धि: मौजूदा व्यवस्था में कर्मचारियों को प्रतिवर्ष तीन प्रतिशत की वार्षिक बढ़ोतरी मिलती है। केंद्रीय कर्मचारी महासंघ का सुझाव है कि इसे बढ़ाकर सात प्रतिशत किया जाए अथवा कर्मचारियों को साल में दो बार इंक्रीमेंट का वित्तीय लाभ दिया जाए।

पुरानी पेंशन योजना की बहाली:

इस ड्राफ्टिंग कमेटी में नई पेंशन व्यवस्था को हटाकर पुरानी पेंशन योजना को वापस लागू करने की मांग पर चर्चा होगी।

मेडिकल लीव पर चर्चा

जिन क्षेत्रों में केंद्रीय सरकारी स्वास्थ्य योजना की सुविधा उपलब्ध नहीं है, वहां फिक्स्ड मेडिकल अलाउंस को मौजूदा 1,000 रुपये से बढ़ाकर सीधे 20,000 रुपये प्रतिमाह करने का प्रस्ताव है, क्योंकि इलाज के खर्च के मुकाबले मौजूदा रकम बहुत कम है। इसके अलावा लंबी सेवा वाले कर्मचारियों को लाभ देने के लिए लीव एन्कैशमेंट की सीमा को 300 दिन से बढ़ाकर 400 दिन करने की मांग उठाई गई है।

न्यूनतम वेतन पर फोकस

कर्मचारियों की वर्तमान आर्थिक स्थिति को देखते हुए न्यूनतम वेतन को बढ़ाकर 54,000 रुपये तय करने का भी प्रस्ताव रखा गया है।


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