दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर पर एक दिन में अब तक की सबसे ज्यादा राइडरशिप का बना रिकॉर्ड

बेगमपुल, आनंद विहार और गाजयाबाद स्टेशनों में दर्ज की गई अधिकतम राइडरशिप

Update: 2026-02-24 19:00 GMT

नई दिल्ली। मेरठ नमो भारत कॉरिडोर के शेष खंडों और और मेरठ मेट्रो के उद्घाटन के बाद, पहले एक पूरे दिन के ऑपरेशन के दौरान, नेटवर्क के मुख्य स्टेशनों पर यात्रियों की अभूतपूर्व संख्या देखी गई। बेगमपुल कॉरिडोर का सबसे व्यस्त स्टेशन रहा, जहां यात्रियों की सबसे अधिक संख्या रिकॉर्ड की गई। आनंद विहार और गाजियाबाद ने भी व्यस्ततम स्टेशनों की सूची में अपना नाम दर्ज कराया। पूरे कॉरिडोर पर कुल राइडरशिप 1 लाख से अधिक रही, जो इस कॉरिडोर पर एक दिन में रिकॉर्ड की गई अब तक की सबसे अधिक राइडरशिप है। अब तक कॉरिडोर पर दैनिक औसत राइडरशिप लगभग 60,000 दर्ज की जा रही थी, यह उसमें लगभग 70 परसेंट की बढ़ोतरी बताता है।

स्टेशन शहर के पसंदीदा मोबिलिटी हब में परिवर्तित

23 फरवरी को सोमवार होने के कारण, कॉरिडोर पर यात्रियों की भीड़ उमड़ पड़ी। मेरठ शहर के केंद्र में स्थित भूमिगत, बेगमपुल स्टेशन कॉरिडोर के सबसे बड़े स्टेशनों में से एक है जहां दिन भर चहल-पहल देखी गई। चुंकि इसकी लोकेशन शहर के सेंट्रल मार्केट और बिज़नेस डिस्ट्रिक्ट के ठीक बीच में है और यह नमो भारत और मेरठ मेट्रो दोनों सेवाएं प्रदान करता है, उद्घाटन के साथ ही यह स्टेशन शहर के पसंदीदा मोबिलिटी हब में परिवर्तित हो गया।

यात्रियों ने बड़ी संख्या में शिरकत की

कॉरिडोर पर सबसे बड़े मल्टी-मॉडल ट्रांजिट हब, आनंद विहार स्टेशन ने दूसरी सबसे ज़्यादा राइडरशिप दर्ज की। यह स्टेशन छह परिवहन साधनों, आनंद विहार रेलवे स्टेशन, दिल्ली मेट्रो की पिंक और ब्लू लाइन, स्वामी विवेकानंद आईएसबीटी, कौशांबी स्थित यूपीएसआरटीसी बस स्टैंड और सिटी बस स्टैंड के साथ कनेक्टिविटी प्रदान करता है। गाजियाबाद स्टेशन पर भी यात्रियों की काफी अधिक संख्या रही, जो कॉरिडोर पर इसके महत्व और राजधानी दिल्ली तथा मेरठ के बीच एक द्वार के रूप में इसकी भूमिका को रेखांकित करता है। यह स्टेशन दिल्ली मेट्रो की रेड लाइन के शहीद स्थल स्टेशन से एक फुट ओवरब्रिज (FOB) के माध्यम से कनेक्टिविटी प्रदान करता है। सराय काले खां, शताब्दी नगर और मौदीपुरम जैसे नव- उद्घाटित स्टेशनों पर भी अच्छी राइडरशिप दर्ज की गई। यह दिखाता है कि लोग इस सेवा के आरंभ होने के साथ ही इसे तेज़ी से अपनाने लगे हैं। न्यू अशोक नगर स्टेशन, जो पहले से ही परिचालित था, वहां भी यात्रियों ने बड़ी संख्या में शिरकत की।

सुविधा को यात्रियों ने बहुत सराहा

नमो भारत और मेरठ मेट्रो में दैनिक यात्रियों के अलावा भी बहुत से लोगों ने यात्रा का अनुभव लिया। जहां एक ओर स्टूडेंट्स और ऑफिस जाने वालों ने पूर्णत: एसी कोच और आरामदायक सीटिंग वाली ट्रेनों से हाई-स्पीड कनेक्टिविटी का स्वागत किया, वहीं कई परिवार और युवा इस नई सेवा का अनुभव करने के लिए ट्रेन में घूमते नज़र आए। लोगों ने कोच में पहली बार सफर करने का जश्न मनाया गया, ग्रुप फोटो खिंचवाई और कम समय में आरामदायक यात्रा के प्रति उत्साह व्यक्त किया । सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म अनेकों रील्स, सेल्फी और गौरवान्वित यात्रियों के चेहरों से भर गए। लोगों ने दिल्ली, गाजियाबाद और मेरठ के बीच दैनिक यात्रा के लिए आसान, तेज़ और परिवर्तनकारी सेवा प्रदान करने के लिए एनसीआरटीसी और सरकार को धन्यवाद ज्ञापित किया। विशेष तौर पर मेरठ शहर में, नमो भारत के साथ मेट्रो सेवा के आरंभ होने से स्थानीय लोगों में गर्व की भावना झलकती हुई नजर आई। एक ही इंफ्रास्ट्रक्चर पर रीजनल रेल, नमो भारत और मेट्रो सेवा के बीच आसानी से स्विच करने की सुविधा को यात्रियों ने बहुत सराहा।

मेरठ मेट्रो की सेवाएं भी प्रदान की जा रही हैं

प्रधानमंत्री ने न्यू अशोक नगर से सराय काले खां तक 5 किमी और मेरठ साउथ से मोदीपुरम तक 21 किमी के खंड का उद्घाटन किया, जिसके साथ ही सराय काले खां से मोदीपुरम तक 15 स्टेशनों के साथ संपूर्ण कॉरिडोर परिचालित कर दिया गया। साथ ही, उन्होंने मेरठ साउथ से मोदीपुरम तक मेरठ मेट्रो का भी उद्घाटन किया। एक अग्रणी पहल के अंतर्गत, नमो भारत के ही ट्रैक और इंफ्रास्ट्रक्चर पर मेरठ मेट्रो की सेवाएं भी प्रदान की जा रही हैं, जो देश में अपनी तरह का पहला इंटीग्रेशन है।

मेरठ मेट्रो देश की सबसे तेज मेट्रो प्रणाली

135 किमी प्रति घंटे की डिजाइन स्पीड और 120 किमी प्रति घंटे की अधिकतम परिचालन गति के साथ, मेरठ मेट्रो देश की सबसे तेज मेट्रो प्रणाली है। मेरठ मेट्रो के 21 किमी के खंड में 12 स्टेशन हैं, जिनमें से मेरठ साउथ, शताब्दी नगर, बेगमपुल और मोदीपुरम इंटरचेंज स्टेशन हैं, जो नमो भारत और मेरठ मेट्रो दोनों सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। ऑपरेशन के पहले ही दिन यात्रियों की इतनी अधिक संख्या न केवल अच्छे सार्वजनिक परिवहन की मांग को दर्शाती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र इंटीग्रेटेड, हाई-स्पीड, यात्री-केंद्रित गतिशीलता के नए दौर को अपनाने के लिए तैयार है।

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