कनाडा में भारतीय मूल के कारोबारी के घर ताबड़तोड़ फायरिंग, लॉरेंस बिश्नोई गैंग पर शक गहराया

इस हमले में उनके घर पर कुल 16 गोलियां चलाई गईं, जो कार, गैराज और घर के अंदर रसोई तक जा पहुंचीं। राहत की बात यह रही कि इस वारदात में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।

Update: 2025-12-14 21:30 GMT

कनाडा में भारतीय मूल के कारोबारी को निशाना बनाकर की गई गोलीबारी की एक गंभीर और सनसनीखेज घटना सामने आई है। ओंटारियो प्रांत के कैलेडन इलाके में रहने वाले भारतीय मूल के कारोबारी रणवीर मंड के घर पर अज्ञात हमलावरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग की। इस हमले में उनके घर पर कुल 16 गोलियां चलाई गईं, जो कार, गैराज और घर के अंदर रसोई तक जा पहुंचीं। राहत की बात यह रही कि इस वारदात में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। कनाडा पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और शुरुआती जांच में कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम सामने आ रहा है।

रणवीर मंड ने बताया कि वह करीब 30 साल पहले कनाडा आए थे और यहां अपना रेस्टोरेंट व्यवसाय और कंस्ट्रक्शन कंपनी चला रहे हैं। उनके मुताबिक, करीब तीन महीने पहले लॉरेंस बिश्नोई गैंग की ओर से उनसे दो मिलियन डॉलर की फिरौती मांगी गई थी। जब उन्होंने फिरौती देने से साफ इनकार कर दिया, तो उन्हें लगातार धमकी भरे फोन आने लगे। ये कॉल इंग्लैंड और इटली के व्हाट्सएप नंबरों से किए जा रहे थे, जिनमें जान से मारने और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी जाती थी।

रणवीर मंड ने बताया कि रविवार तड़के गोलियों की आवाज से उनकी नींद खुली। फायरिंग के वक्त उनके परिवार के सभी सदस्य घर के अंदर ही मौजूद थे। हमलावरों ने बिना किसी चेतावनी के घर को निशाना बनाया। गोलियां घर के बाहर खड़ी कार, गैराज और किचन तक जा लगीं। घटना के बाद परिवार दहशत में है और खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है। उन्होंने प्रशासन से सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है।

यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब कनाडा में गैंगवार और संगठित अपराध की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। एक दिन पहले ही कनाडा के एडमिंटन शहर में स्टडी वीजा पर गए पंजाब के दो युवकों की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मृतकों की पहचान मानसा जिले के बुढलाडा क्षेत्र के गांव बरेह निवासी 27 वर्षीय गुरदीप सिंह और गांव उड़त सैदेवाला निवासी 18 वर्षीय रणवीर सिंह के रूप में हुई थी। दोनों युवक कार में सवार थे, तभी हमलावरों ने उनकी कार रुकवाकर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं।

इससे पहले मशहूर स्टैंड-अप कॉमेडियन कपिल शर्मा के कनाडा स्थित ‘कैप्स कैफे’ पर भी तीन बार फायरिंग की जा चुकी है। इन घटनाओं की जिम्मेदारी गैंगस्टर गोल्डी ढिल्लों और कुलवीर सिद्धू ने ली थी, जिनके पोस्ट में लॉरेंस बिश्नोई गैंग का जिक्र सामने आया था। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 28 नवंबर को बंधु मान सिंह नामक आरोपी को गिरफ्तार किया था, जो इंडिया-कनाडा बेस्ड गोल्डी ढिल्लों गैंग का अहम सदस्य बताया गया।

विशेषज्ञों के अनुसार, कनाडा में प्रतिबंध लगने के बाद लॉरेंस बिश्नोई गैंग और अधिक आक्रामक हो गया है। 29 सितंबर को कनाडा सरकार ने इस गैंग पर आधिकारिक रूप से बैन लगाया था। इसके बाद से गैंग से जुड़े लोग कई गोलीबारी की घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं और खुलेआम जिम्मेदारी भी ले रहे हैं। कनाडा सरकार का आरोप है कि यह गैंग देश में हिंसा और चरमपंथ को बढ़ावा दे रही है। गोल्डी बराड़, अभिजीत किंगरा और गोल्डी ढिल्लों जैसे नाम इस समय कनाडा में सक्रिय बताए जा रहे हैं, जिन पर कई गंभीर मामलों में जांच चल रही है।

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