गैस सप्लाई पर 5 साल तक असर...कतर ने LNG गैस प्लांट की तबाही के बाद बताया ये सच! भारत की बढ़ी चिंता
नई दिल्ली। खाड़ी देशों में जारी जंग के बीच कतर एनर्जी के सीईओ और ऊर्जा मामलों के राज्य मंत्री साद अल-काबी ने कहा कि ईरान के हमलों ने कतर की LNG एक्सपोर्ट कैपेसिटी का लगभग 17 प्रतिशत तबाह कर दिया है, जिससे लगभग 20 अरब डॉलर के वार्षिक राजस्व का नुकसान हुआ है। अल-काबी के अनुसार, मरम्मत कार्यों के कारण 3-5 सालों तक प्रति वर्ष 12.8 मिलियन टन एलएनजी का उत्पादन बाधित रहेगा, जिससे चीन और भारत सहित यूरोपीय और एशियाई देशों की आपूर्ति खतरे में पड़ जाएगी।
कतर और पूरा क्षेत्र ऐसे हमले का शिकार होगा
पिछले कुछ दिनों में ईरान द्वारा किए गए हमलों में कतर की 14 एलएनजी ट्रेनों में से कम से कम दो और इसकी 2 गैस-टू-लिक्विड (जीटीएल) सुविधाओं में से एक क्षतिग्रस्त हो गई। साद अल-काबी ने कहा कि मैंने सपने में भी नहीं सोचा था कि कतर और पूरा क्षेत्र ऐसे हमले का शिकार होगा, खासकर रमजान के महीने में। इस तरह किसी मित्र मुस्लिम देश द्वारा हमला किया जाएगा। सरकारी स्वामित्व वाली कतर एनर्जी ने कहा है कि क्षतिग्रस्त हुई 2 ट्रेनों के कारण उसे इटली, बेल्जियम, दक्षिण कोरिया और चीन को भेजे जाने वाले एलएनजी आपूर्ति के 5 साल तक के अनुबंधों पर अप्रत्याशित घटना (फोर्स मेज्योर) घोषित करनी पड़ेगी।
गैस संयंत्रों पर सिलसिलेवार हमले किए
ईरान ने अपने गैस बुनियादी ढांचे पर इजरायल के हमलों के बाद खाड़ी देशों के तेल और गैस संयंत्रों पर सिलसिलेवार हमले किए हैं। वहीं कतर के सबसे बड़े एलएनजी संयंत्र रास लाफान पर ईरानी मिसाइल हमले के बाद अशांति और बढ़ गई, जिसके बाद कतर एनर्जी को अपने पूरे एलएनजी उत्पादन पर अप्रत्याशित घटना (फोर्स मेज्योर) घोषित करनी पड़ी। अल-काबी ने बताया कि उत्पादन फिर से शुरू करने के लिए पहले हमें शत्रुता समाप्त करनी होगी।
10 से 20 साल पीछे धकेला
उन्होंने कहा कि हमलों से हुए नुकसान ने इस क्षेत्र को 10 से 20 साल पीछे धकेल दिया है और निश्चित रूप से यह कई लोगों के लिए एक सुरक्षित ठिकाना था, जहां वे सुरक्षित रूप से रह सकते थे। मुझे लगता है कि यह छवि हिल गई है। मंत्री के अनुसार क्षतिग्रस्त एलएनजी संयंत्रों में अमेरिकी तेल कंपनी एक्सॉनमोबिल भागीदार हैं जबकि क्षतिग्रस्त जीटीएल संयंत्र शेल की भागीदार है, जिसकी मरम्मत में 1 साल तक का समय लगेगा। टेक्सास स्थित एक्सॉनमोबिल की एलएनजी ट्रेन एस4 में 34 प्रतिशत और ट्रेन एस6 में 30 प्रतिशत हिस्सेदारी है। ट्रेन एस4 इटली की एडिसन और बेल्जियम की ईडीएफटी को आपूर्ति प्रभावित करती है, जबकि ट्रेन एस6 दक्षिण कोरिया की कोगास, ईडीएफटी और चीन की शेल को प्रभावित करती है।