समलैंगिकता: दो सहेलियों में हुई घनघोर मोहब्बत! जीवन साथ जीने के लिए कोर्ट तक पहुंचीं, जानें फिर क्या हुआ
मैनपुरी, उत्तर प्रदेश। मोहब्बतें सीमाएं पार करती रहती हैं चाहे वह विपरीत लिंग में हो या समान लिंग में। एक ऐसी ही घटना उत्तर प्रदेश के मैनपुरी से सामने आई है। खबर यह है कि दो सहेलियों को आपस में प्यार हो गया। यह प्यार इस कदर परवान चढ़ा कि दोनों ने साथ जीने, साथ मरने की कसमें खा लीं। ऐसे में यह प्यार कोर्ट के दरवाजे तक पहुंच गया और दोनों ने नोटेरी शपथ पत्र के जरिए कोर्ट मैरिज कर ली लेकिन अब जानिए कि इसके बाद क्या हुआ।
एक ही स्कूल में पढ़ी दोनों सहेली
मैनपुरी स्थित करहल में दोनों सहेलियां रहती हैं। दोनों एक ही स्कूल में पढ़ती हैं। स्कूल में दोस्ती के दौरान दोनों का आपसी स्नेह गहरा गया। दोनों ने तय कर लिया कि अब तो जीवन भी एक साथ ही जीना है। पहले तो इन दोनों के साथ को सिर्फ दो सहेलियां का दोस्ती समझ गया था लेकिन धीरे-धीरे दोनों सहेलियों की मोहब्बत का राज खुलता चला गया।
क्या बोलीं सहेलियां
जब इन दोनों की मोहब्बत समाज के सामने अप्रत्यक्ष रूप से दिखाई देने लगी तो इन्होंने अपनी मोहब्बत को स्थाई बनाने के लिए कोर्ट का रास्ता ढूंढा। हाल ही 26 अगस्त को दोनों सहेलियों ने नोटेरी शपथ पत्र के जरिए कोर्ट मैरिज कर ली। शपथ पत्र में कहा कि वह 6 वर्षों से साथ पढ़ाई कर रही हैं और दोनों एक दूसरे के बगैर रह नहीं सकती। लिहाजा दोनों जीवन भर साथ रहना चाहती हैं।
कैद में मोहब्बत
दोनों सहेलियां द्वारा उठाए गए इस कदम को समाज ने बर्दाश्त नहीं किया। जानकारी के अनुसार, एक सहेली के पिता ने अपनी बेटी को घर में कैद कर दिया है, मतलब उसे घर से निकलने नहीं दिया जा रहा है। इस पर दूसरी सहेली परेशान हो गई है। दोनों सहेलियों ने सोशल मीडिया के जरिए अपनी परेशानियों को साझा किया है। अब देखने की बात यह होगी कि उनकी मोहब्बत किस मंजिल पर जाकर ठहरेगी।
पुरुषों से नहीं कोई शिकायत
एक सहेली का कहना है कि उनकी इस समलैंगिक मोहब्बत का मतलब यह नहीं है कि उन्हें पुरुष से कोई शिकायत है। उन्हें तो बस अपनी सहेली से प्यार हुआ है और वह सहेली के साथ ही जिंदगी गुजारना चाहती है क्योंकि दोनों एक दूसरे पर जान छिड़कती है।