मैं नेहरू का अंधभक्त नहीं...,शशि थरूर ने कहा-विपक्ष ने नेहरू को बलि का बकरा बना दिया है
शशि थरूर ने कहा कि कई मामलों में बीजेपी सरकार की आलोचना समझ में आती है, लेकिन हर समस्या के लिए उन्हें अकेले दोषी ठहराना पूरी तरह से अनुचित है।;
कोच्चि। केरल लेजिस्लेटिव असेंबली इंटरनेशनल बुक फेस्टीवल के दौरान कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि नेहरू की गलतियों को स्वीकार करना जरूरी है। अपने कार्यकाल में नेहरू की ओर से लिए गए कुछ फैसले गलत हो सकते हैं। लेकिन देश की हर समस्या के लिए उन्हें अकेले दोषी ठहराना पूरी तरह से गलत और अनुचित है। थरूर ने आगे कहा कि मैं यह नहीं कहूंगा कि मोदी सरकार लोकतंत्र-विरोधी है, लेकिन वे निश्चित रूप से नेहरू-विरोधी हैं। विपक्ष ने नेहरू को एक सुविधाजनक बलि का बकरा बना दिया गया है। उन्होंने कहा कि मैं भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के विचारों और दृष्टिकोण की गहरी प्रशंसा करता हूं, लेकिन नेहरू की हर मान्यता और नीति का बिना आलोचना समर्थन नहीं कर सकता।
मैं नेहरू का अंधभक्त नहीं हूं
शशि थरूर ने कहा कि मैं जवाहर लाल नेहरू का फैन हूं, लेकिन मैं उनका अंधभक्त नहीं हूं। मैं उनकी समझ और दृष्टिकोण की बहुत प्रशंसा करता हूं और उनका मैं बहुत सम्मान करता हूं, फिर भी मैं उनके विचारों और नीतियों का शत प्रतिशत समर्थन नहीं करता हूं। उन्होंने बहुत से ऐसे काम किए हैं, जिनके लिए उनकी जितनी तारीफ की जाए कम है। सबसे महत्वपूर्ण बात, वह नेहरू ही थे जिन्होंने भारत में लोकतंत्र स्थापित किया।
इन मामलों में आलोचना हो सकती है
शशि थरूर ने कहा कि कई मामलों में बीजेपी सरकार की आलोचना समझ में आती है, जैसे कि 1962 की जंग में चीन से हार, इसका कुछ श्रेय नेहरू के लिए गए फैसलों को भी दिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि लेकिन अब वे क्या कर रहे हैं, वे हर चीज के लिए नेहरू को जिम्मेदार ठहराते हैं, चाहे कोई मुद्दा भी हो।