कानून हो तो ऐसा... फ्रांस में खाने की बर्बादी पर देना होता है 80 लाख का जुर्माना, क्या भारत में भी है ऐसा कानून?
नई दिल्ली। हमने हमेशा ही पढ़ा और सुना है कि खाने की कद्र करो। लेकिन कई बार हम खाने की अहमियत नहीं जान पाते हैं। जानकर हैरानी होगी कि फ्रांस में खाने की बर्बादी को लेकर वाकई बहुत सख्त नियम हैं।अगर कोई स्टोर जानबूझकर खाने लायक खाना डोनेट करने के बजाय बर्बाद करता है तो उस पर लगभग 80 लाख रुपये तक का जुर्माना या फिर 2 साल तक की जेल हो सकती है। हालांकि भारत में फिलहाल ऐसा कोई केंद्रीय कानून नहीं है जो खाना फेंकने पर सीधे तौर पर भारी जुर्माना लगाता हो।
फ्रांस का कानून (2016)
फ्रांस दुनिया का पहला देश है जिसने सुपरमार्केट के लिए खाना बर्बाद करना अपराध घोषित किया है। 400 वर्ग मीटर से बड़े सुपरमार्केट के लिए बिना बिका लेकिन खाने योग्य भोजन फेंकना या नष्ट करना वर्जित है। उन्हें यह भोजन चैरिटी संस्थाओं या फूड बैंकों को दान करना होता है। नियम तोड़ने पर 75,000 यूरो (लगभग 80 लाख रुपये) तक का जुर्माना या 2 साल की जेल हो सकती है।
भारत में स्थिति
भारत में खाना बर्बाद करने पर सीधा दंड देने वाला कोई राष्ट्रव्यापी कानून नहीं है, हालांकि कुछ रेगुलेटरी और जागरूकता पहल मौजूद हैं:
FSSAI की पहल: भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने 'इंडियन फूड शेयरिंग अलायंस' (IFSA) जैसी पहल शुरू की है, जो अतिरिक्त भोजन को जरूरतमंदों तक पहुंचाने के लिए काम करती है।
सुरक्षा संबंधी कानून: खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 के तहत 'असुरक्षित' या 'घटिया' खाना बेचने पर तो भारी जुर्माने (₹1 लाख से ₹10 लाख तक) का प्रावधान है, लेकिन यह 'खाना फेंकने' पर नहीं है।
प्रस्तावित बिल: संसद में 'द फूड वेस्ट (रिडक्शन) बिल, 2018' पेश किया गया था, जिसमें सुपरमार्केट द्वारा खाना बर्बाद करने पर ₹50,000 से ₹1 लाख तक के जुर्माने का सुझाव दिया गया था, लेकिन यह अभी तक कानून नहीं बन पाया है।
निजी प्रयास: तेलंगाना के कुछ रेस्टोरेंट्स जैसे व्यक्तिगत स्तर पर लोग खाना बर्बाद करने पर छोटे जुर्माने (जैसे ₹50) वसूलते हैं, पर यह उनका अपना निजी नियम है।