INDIA-US TRADE DEAL: भारतीय टेक्सटाइल निर्यातकों को भी मिल सकती है जीरो टैरिफ की सुविधा: पीयूष गोयल

Update: 2026-02-12 11:16 GMT

नई दिल्ली। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने आज साफ किया है कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के तहत भारतीय टेक्सटाइल निर्यातकों को भी जीरो टैरिफ (0%) की सुविधा मिल सकती है। यह सुविधा उन कपड़ों पर लागू होगी जो अमेरिकी कॉटन या कच्चे माल का उपयोग करके बनाए जाएंगे।

शर्त के साथ जीरो टैरिफ

यदि भारतीय कंपनियां अमेरिका से कच्चे माल (जैसे कॉटन या धागा) का आयात करती हैं और उससे तैयार कपड़े वापस अमेरिका निर्यात करती हैं, तो उन पर कोई शुल्क नहीं लगेगा। साथ ही बता दें कि हाल ही में अमेरिका बांग्लादेश समझौते के बाद भारतीय निर्यातकों में चिंता थी, जिस पर गोयल ने स्पष्ट किया कि भारत को भी बांग्लादेश जैसी ही 'जीरो रेसिप्रोकल टैरिफ' सुविधा मिलेगी।

अन्य उत्पादों पर शुल्क

वर्तमान अंतरिम समझौते के तहत स्मार्टफोन, फार्मा, जेम्स-ज्वैलरी और कुछ कृषि उत्पादों पर पहले ही जीरो टैरिफ तय हो चुका है। अन्य कई भारतीय उत्पादों पर टैरिफ 50% से घटाकर 18% कर दिया गया है।

किसानों का संरक्षण

गोयल ने बताया कि इस डील में भारत के 90-95% कृषि उत्पादों को शामिल नहीं किया गया है ताकि स्थानीय किसानों के हितों की रक्षा हो सके।

व्यापार समझौते का प्रभाव

- इस समझौते से लगभग 44 बिलियन डॉलर मूल्य के भारतीय निर्यात को जीरो ड्यूटी का लाभ मिलने की उम्मीद है।

- टेक्सटाइल जैसे labour-intensive क्षेत्र में जीरो ड्यूटी से उत्पादन बढ़ेगा, जिससे करोड़ों लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है。

 - गोयल के अनुसार, वर्तमान में 'फ्रेमवर्क एग्रीमेंट' तैयार हो रहा है और अंतिम समझौते (Interim Agreement) के साइन होने पर इसके विस्तृत नियम सामने आएंगे। 

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