ईरानी सेना के नए कमांडर इन चीफ का ऐलान! ब्रिगेडियर जनरल अहमद वाहिदी के हाथों में सौंपी गई IRGC की जिम्मेदारी
अहमद वाहिदी की नियुक्ति IRGC के लीडरशिप को मजबूत करने के मकसद से की गई है। वाहिदी को ईरान की सैन्य रणनीति का मास्टरमाइंड माना जाता है।
नई दिल्ली। ईरानी इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) ने आज यानी रविवार को अपने नए कमांडर-इन-चीफ का नाम घोषित किया है। इससे पहले एक्सपीरिएंस मिलिट्री ऑफिसर अहमद वाहिदी पहले रक्षा और गृह मंत्रालय संभाल चुके हैं। अब उन्हें नया कमांडर-इन-चीफ बनाया गया है। अहमद वाहिदी ने छह महीने तक अंतरिम प्रमुख के रूप में काम किया, उसके बाद स्थायी तौर पर उनको यह जिम्मेदारी सौंपी गई। बता दें कि वाहिदी की नियुक्ति IRGC के लीडरशिप को मजबूत करने के मकसद से की गई है।
खामेनेई 1989 से देश पर कर रहे थे शासन
गैौरतलब है कि अहमद वाहिदी की नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब ईरान और अमेरिका-इजराइल की ज्वाइंट आर्मी के बीच जंग जारी है। बीते कल यानी शनिवार को अमेरिका और इजराइल ने ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ और ‘ऑपरेशन रॉर ऑफ द लायन’ नाम से सैन्य कार्रवाई की। इस हमले में ईरानी सैन्य ठिकानों, सरकारी दफ्तरों और सुप्रीम लीडर अयातोल्लाह अली खामेनेई के घर को निशाना बनाया गया था। इस हमले के दौरान 86 वर्षीय खामेनेई मारे गए। सूत्रों ने के अनुसार, 86 वर्षीय खामेनेई की तेहरान के मध्य क्षेत्र में उनके परिसर को निशाना बनाकर किए गए हवाई हमले में मौत हुई।
अहमद वाहिदी अमेरिका और यूरोपियन यूनियन द्वारा कई बैन लग चुके हैं
बता दें कि 1994 में अर्जेंटीना के ब्यूनस आयर्स में यहूदी केंद्र पर हुए बम विस्फोट में कथित संलिप्तता की वजह से वाहिदी इंटरपोल की रेड नोटिस लिस्ट में शामिल हैं। इस बम विस्फोट में 85 लोग मारे गए थे। वाहिदी पर अमेरिका और यूरोपियन यूनियन ने कई प्रतिबंध लगाए हैं। बैन के चलते ईरान के परमाणु कार्यक्रम से उनके संबंध और 2022 के विरोध प्रदर्शनों में मानवाधिकारों के उल्लंघन में उनकी बड़ी भूमिका मानी जाती है।
अहमद वाहिदी का परिचय
अहमद वाहिदी का जन्म 27 जून 1958 को ईरान के शिराज में हुआ है। वाहिदी इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में ग्रेजुएट, औद्योगिक इंजीनियरिंग में मास्टर और रणनीतिक अध्ययन में पीएचडी हैं। वाहिदी को ईरान की सैन्य रणनीति का मास्टरमाइंड माना जाता है।