जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर तीखी टिप्पणी की, सीएम योगी की कार्रवाई को ठहराया जायज
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और सीएम योगी आदित्यनाथ का नाम लेकर बड़ा दावा किया है।
प्रयागराज। प्रयागराज के माघ मेले में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के रथ को रोके जाने को लेकर हुए विवाद के मामले में जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य ने बड़ा बयान दिया है। दरअसल माघ मेले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और सीएम योगी आदित्यनाथ का नाम लेकर बड़ा दावा किया है। इसके साथ ही उन्होंने बीजेपी पर भी निशाना साधा। इस मामले में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने आज यानी बुधवार को कहा कि यदि इसी तरह संतों का अपमान होता रहा, तो यह ठीक स्थिति नहीं है। इसलिए इसके खिलाफ संघर्ष करना आवश्यक है, ताकि आगे से कोई भी शासन-प्रशासन ऐसी काम न करे। लेकिन जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने पालकी से स्नान करने को जायज नहीं कहा है।
योगी सरकार की कार्रवाई सही
जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने पालकी से स्नान करने को गलत ठहराया है। उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ सरकार की ओर से की गई कार्रवाई को एकदम सही ठहराया है। रामभद्राचार्य ने कहा है कि अन्य अविमुक्तेश्वरानंद के साथ नहीं हुआ है, बल्कि पालकी से स्नान करके उन्होंने खुद अन्याय किया है।
सुप्रीम कोर्ट ने अब तक शंकराचार्य घोषित नहीं किया था
जगद्गुरु ने कहा कि जब पुलिस ने उनको रोका था तो उन्हें मानना चाहिए था। योगी सरकार ने उन्हें सही नोटिस दिया है सुप्रीम कोर्ट ने अभी उन्हें शंकराचार्य बनाया ही नहीं है।
शंकराचार्य ने उठाया सवाल
शंकराचार्य ने सवाल उठाया कि यदि अखिलेश यादव फोन करते हैं तो सीएम योगी फोन क्यों नहीं करते और भाजपा नेताओं को पीड़ा क्यों नहीं हो रही, जबकि वे स्वयं को हिंदुओं का बड़ा हितैषी कहते हैं।